बिहार का एक गांव ऐसा भी: जहां मक्खियों के कारण नहीं होती लड़कों की शादी, कोई मेहमान भी नहीं आता, हर कोई परेशान

डॉक्टरोंकेमुताबिकमक्खियांसड़े-गलेऔरबदबूवालेकार्बनिकपदार्थसेज्यादापैदाहोतीहैं।नमीसेभीयेअंडेदेतीहैं।मक्खियांइंसानोंऔरजानवरोंकेलिएखतरनाकरोगफैलानेवालेजीवाणुफैलातीहैं।जोलोगोंकीसमस्याबनसकतीहै।

बिहार(Bihar)काएकगांवमक्खियोंसेपरेशानहै।इसगांवकेलड़केमक्खियोंकीवजहसेकुंवारेंहैं।कोईभीअपनीलड़कीकीशादीइसगांवमेंनहींकरनाचाहता।चौंकिएमत,यहसच्चाईभीहैऔरगांवकादर्दभी।आलमयहहैकिमक्खियोंसेपरेशानलोगअबगांवछोड़नेकोमजबूरहैं।अबतक10परिवारइसीपरेशानीकेकारणगांवसेजाचुकेहैं।इसगांवकानामहैविक्रमपुर।गोपालगंज(Gopalganj)जिलेकेसदरब्लॉकमेंआनेवालेइसगांवकीआबादीतीनहजारहै।गांवमेंमक्खियांकाआतंकइतनाज्यादाहैकिलोगोंकाखाना-पीनाभीपरेशानीकासबबबनाहुआहै।

मक्खियोंगांववालोंकेलिएपांचसालसेबड़ीसमस्याबनीहुईहै।हरवक्तमक्खियोंकीभिनभिनाहटहीसुनाईपड़तीहै।बच्चेमच्छरदानीलगाकरउसीमेंपढ़तेहैंऔररहतेभीउसीमेंहैं।गांवमेंकहींबैठनेपरयाजानेपरसिर्फमक्खियांहीदिखाईदेतीहैं।खाने-पीनेकासामानभीसुरक्षितनहींहोता।गांववालेमजबूरीमेंकिसीतरहखानाखातेहैं।गांवमेंलोगआते-जातेभीकमहैं.

सुननेमेंभलेहीअजीबलगेलेकिनगांवमेंयुवकों कीशादीमक्खियोंकेकारणनहींहोती।गांववालोंकाकहनाहैकिमक्खियोंकीवजहसेअबतकगांवकेतीनशादियां टूटचुकीहैं।लड़कीवालेजबभीगांवआतेहैंतोउनकेखाने-पीनेपरमक्खियांइतनीभिनभिनातीहैंकिवेउल्टेपांवलौटजातेहैंऔरशादीसेइनकारकरदेतेहैं।इसपरेशानीसेतंगआकरकईपरिवारतोपलायनकरनेलगेहैं।स्वास्थ्यकीसमस्याएंभीलगातारगांवमेंबनीरहतीहै।

ग्रामीणबतातेहैंकिगांवमेंमक्खियोंकासबसेबड़ाकारणपोल्ट्रीफॉर्महै।गांवकेआस-पासकईपोल्ट्रीफॉर्महैं।इससेयहांमक्खियांखूबआतीहैं।कईबारग्रामीणोंनेजिलाप्रशासनसेभीइसकीशिकायतकीलेकिनकिसीनेउनकीनहींसुनी।आलमयहहैअबमक्खियांसबसेबड़ीसमस्याबनगईहैं।बतादेंकिपोल्ट्रीखादमेंकरीब75से80प्रतिशततकनमीहोतीहै।यहीकारणहैकियहांमक्खियांज्यादापैदाहोतीहैं।