बिहार जाने के लिए नहीं मिल रहा वाहन, रेलवे लाइन बनी सहारा

कोरोनासंक्रमणकोदेखतेहुएदिल्ली,मुंबईजैसेबड़ेमहानगरोंसेमजदूरवनौकरीपेशालोगअपनेघरोंकेलिएआनाआरंभकरदिएहैं।उत्तरप्रदेशसरकारद्वाराउन्हेंअपनेगंतव्यस्थानतकपहुंचानेकेलिएबकायदारोडवेजबसोंकीव्यवस्थाकीगईहै।सबसेअधिकपरेशानीबिहारकेलोगोंकोहोरहीहै।किसीतरहसेबसआदिमाध्यमोंसेवेमहराजगंजहोतेहुएसिसवा-घुघली,निचलौलआदिकस्बोंमेंतोपहुंचगएहैं,लेकिनउनकोमहराजगंजकीसीमाकेबादकोईसाधननहींमिलरहाहै।ऐसेमेंरेललाइनकीपटरीपकड़तेहुएलोगसिसवा,घुघलीसेबिहारकेबेतिया,बगहाआदिस्थानोंपरजारहेहैं।पिछलेदोदिनोंसेबिहारकेलोगोंकेपैदलचलनेकाक्रमटूटनहींरहाहै।पैदलचलनेवालोंलोगोंकोस्थानीयलोगोंद्वाराभोजनकराकरउनकेरुकनेकीव्यवस्थाभीकीगईहै।दिल्लीसेसिसवापहुंचेबिहारकेबेतियानिवासीरामहित,शुभकरन,रामनरेश,सत्येंद्रनेकहाकिदिल्लीसेकिसीतरहसेजगह-जगहबसवट्रकआदिकासहारालेकरमहराजगंजतोपहुंचगएहैं।अबआगेयहांसेबिहारजानेकाकोईरास्तानहींदिखरहाहै।उन्होंनेकहाकिसरकारद्वारालोगोंकोबिहारभेजनेकेलिएआवश्यकप्रबंधकरनेचाहिए।शुभकरननेकहाकिवहतोरेलवेलाइनकेकिनारेबसेलोगोंकीमानवताहैकिलोगबुलाकरखानाखिलादेरहेहैं।नहींतोकोरोनासेपहलेभूखसेहीदमटूटजाता।सिसवासेबेतियाकीदूरी112किलोमीटरहै।घरतकपैदलकबतकपहुंचेंगे,ईश्वरहीमालिकहैं।