बहुत खूब..यह तो श्रवण कुमार हैं

मेरठ,जेएनएन।समाजमेंआजभीकुछलोगऐसेहैं,जोबुजुर्गोंकीसेवाकोकर्तव्यमानकरपूराकरतेहैं।विजयइसकीबानगीहैं।अपनेदोस्तकेसहयोगसेवहअपनीमांऔरदिव्यांगभाईकोकांवड़मेंबैठाकरतीर्थनगरीहरिद्वारसेलौटरहेहैं।विजयकहतेहैंकिइसक्षेत्रमेंकांवड़यात्राकीबड़ीमान्यताहै।हरिद्वारसेजललेकरअपनेक्षेत्रकेमंदिरमेंशिवजीकाजलाभिषेककियाजाताहै।ऐसेमेंमां-भाईकीतीर्थकरनेकीइच्छाजागीतोहमनेतयकियाकिकांवड़मेंजलकेसाथउन्हेंभीलाएंगे।

बुलंदशहरजनपदकेसिकंदराबादतहसीलकेगांवशेरपुरनिवासीविजयगुर्जरपुत्रफूलसिंहनेबतायाकिउनकीमांजग्गोदेवीबुजुर्गहैं।बड़ाभाईहरेंद्रदाएंपैरसेदिव्यांगहैं।दोनोंचलने-फिरनेमेंअसमर्थहैं।उनकासपनाअपनेभाईऔरमाताकोहरिद्वारकीयात्राकरानेकाथा।

बकौलविजय,कुछदिनपूर्वउन्होंनेअपनेदोस्तप्रवीणशर्माकेसहयोगसेमांऔरबड़ेभाईकोकांवड़मेंबैठाकरहरिद्वारसेलानेकीयोजनाबनाई।वेहरिद्वारगएतोबससे,लेकिनवहांसेलौटेपदयात्राकरतेहुए।उन्हेंसहारादेनेकेलिएउनकीभाभीफिरेवतीभीपदयात्रामेंशामिलहोगर्इं।विजयनेबतायाकिप्रवीणशर्माउनकेसच्चेदोस्तहैं।प्रवीणनेभीदोस्तीकाफर्जपूराकियाहै।उनकेप्रयासोंसेहीयहयात्रापूरीहोरहीहै।

सोमवारकोविजयकांवड़लेकरगांवलौटनेकेक्रममेंखरखौदाक्षेत्रसेगुजरेतोलोगउन्हेंदेखनेकेलिएरुकगए।तमामलोगोंनेकहाकियहतोकलियुगकाश्रवणकुमारहै।उनकीकांवड़यात्राकरीब200किलोमीटरकीरही।