BHU के न्यूरोलॉजिस्ट का दावा- गंगा के पानी में मौजूद 1300 बैक्टिरियोफेज एंटीबायोटिक से ज्यादा कारगर; PM मोदी से मंजूरी की गुजारिश

कोरोनावायरसकेसंक्रमणकोखत्मकरनेकेलिएदुनियाभरमेंलगातारशोधजारीहैं।इसीबीचगुरुवारकोइलाहाबादहाईकोर्टनेगंगाजलसेकोविड-19केउपचारकेदावेसंबंधीजनहितयाचिकास्वीकारकीतोBHUआईएमएसकेडॉक्टरोंकासालभरपुरानादावाएकबारफिरचर्चामेंआगया।डॉक्टरोंनेप्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीसेअनुरोधकियाहैकिवहसाइंटिफिकबैकग्राउंडकीजांचकरनेकीइजाजतदें।गंगाजलकोईवैक्सीननहींहै,बल्कियहकोरोनाकासबसेसस्ताउपचारसाबितहोसकताहै।

दरअसल,साल2020मेंBHUकेडॉक्टरोंनेदावाकियाथाकिगंगामेंपाएजानेवालेबैक्टिरियोफेजसेकोरोनाकाउपचारसंभवहै।हालांकि,इसदावेकोआईसीएमआरनेखारिजकरदियाथा।उसनेकहाथाकिऐसीकोईक्लीनिकलस्टडीनहींहुईहैकिगंगाकेपानीसेकोरोनाकाइलाजकियाजासके।यहदेखनेलायकबातहोगीकिजनहितयाचिकापरक्याफैसलाआताहै।

BHUकेप्रोफेसरकादावा-

BHUकेन्यूरोलॉजीडिपार्टमेंटकेप्रो.विजयनाथमिश्रनेबतायाकि1896मेंजबकालरामहामारीकाप्रकोपथातोडॉ.हैकिंगनेएकशोधकियाथा।उनकेशोधमेंयहबातसामनेआईथीकिजोलोगगंगाजलकासेवनकरतेहैं,वेकालरासेपीड़ितनहींहोरहेहैं।हालांकि,इसशोधपरएकअरसेतकध्याननहींदियागया।साल1980मेंयहबातसामनेआईकिबैक्टीरियोफेजसभीनदियोंमेंहोतेहैं।गंगामेंऐसे1300प्रकारकेबैक्टीरियोफेजमिलतेहैं।

बतायाकिप्रो.गोपालनाथने1980से1990केदौरानबीएचयूमेंमरीजोंकाबैक्टिरियोफेजकेमाध्यमसेइलाजकियाथा।उदाहरणकेतौरपरटीबीकेइलाजकेलिएबीसीजीकाउपयोगकियाजाताहै।बीसीजीकोईदवानहींहै,बल्किलाइवबैक्टीरियाहोताहैऔरउससेटीबीखत्महोताहै।

प्रो.मिश्रनेबतायाकिगंगामामलोंकेएक्सपर्टऔरइलाहाबादहाईकोर्टकेअधिवक्ताअरुणगुप्तानेराष्ट्रपतिकोपत्रलिखाथाकिगंगाजलकेऔषधीयगुणोंऔरबैक्टीरियोफेजकापतालगायाजानाचाहिए।इसीक्रममेंगंगाकिनारे50मीटरकेदायरेमेंरहनेवाले491लोगोंपरसर्वेकियागया।

उनमेंसे274ऐसेलोगमिलेजोरोजानागंगामेंनहातेहैंऔरगंगाजलपीतेहैं।उनमेंकिसीकोकोरोनानहींहुआथा।अन्य217लोगभीइसीक्षेत्रमेंरहतेथेलेकिनवेगंगाजलकाउपयोगनहींकरतेथे।उनमेंसे20लोगोंकोकोरोनाहुआऔर2लोगोंकीमौतभीहोगईथी।

साइंटिफिकप्रयोगकीअनुमतिदेंPM

प्रो.विजयनाथमिश्रनेकहाकिगंगाजलकईप्रकारकेऔषधीयगुणोंसेयुक्तहै।इसपरनिरंतरशोधहोतेरहनेकीआवश्यकताहै।गंगाएकनदीहीनहींहैंबल्किवहएकसभ्यताऔरसंस्कृतिकीपरिचायकहैं।उनकेजलमेंकईगूढ़रहस्यछुपेहुएहैं।

मिश्रानेकहा,'हमारायहीकहनाहैकिकरोड़ोंलोगजिसजलमेंरोजानानहातेहैं,उसमेंकौनसाएथिकलअप्रूवलचाहिए।एकसालसेतोगुहारलगारहाहूं।गंगाजलसेइलाजहोताहैकिनहीं,इसकेलिएसाइंटिफिकबैकग्राउंडहीतोचेककरनाहै।प्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीसेहमारायहीअनुरोधहैकिवहइसकीइजाजतदें।यहवैक्सीननहींहै,बल्किकोरोनाकासबसेसस्ताउपचारसाबितहोगा'।