भोमा नाटक में दिखी समस्याओं की झलक

रायबरेली:भारतीयजननाट्यसंघ(इप्टा)केस्थापनादिवसपरबादलसरकारद्वारालिखितभोमानाटककामंचनशनिवारदेरशामशहरकेएकनिजीस्कूलमेंकियागया।इसमेंवर्तमानसमयकीप्रमुखसमस्याओंकीझलकदिखाईगई।करीबतीनदशकसेक्रियाशीलजिलेकीइप्टाशाखानेकईसाहित्यिककृतियोंपरनाटककामंचनकरदेश-विदेशमेंअपनीख्यातिअर्जितकीहै।

कलाकारोंनेभोमानाटकमेंगांवसेपलायनकरतेमहानगरकोभागतेलोगआजकैसेअसंवेदनशीलहोतेजारहेहैं।देशकीतीनचौथाईआबादीजोगांवोंमेंनिवासकरतीहैउसकीअपनीबहुतसमस्याएंहैं।शिक्षा,बेरोजगारी,कृषि,आवासचिकित्साआदिकेमामलेमेंअभीहमबहुतपीछेहैं।नाटकइनबिदुओंपरअपनीचिताजाहिरकरताहै।देशकेएकछोटेसेगांवभदूरियांकोनाटककेकेंद्रमेंरखागयाहै।उसकेग्रामीणपरिवारोंकीविविधसमस्याओंकीझलकियांइसनाटकमेंउभरकरआतीहै।देशमेंफैलेआतंकवाद,धार्मिकउन्माद,सीमापरतनावइनपरकुछज्वलंतसमस्याओंपरयहनाटकहमारीचिताकोबढ़ाताहै।इसमेंप्रमुखपात्ररामदेवशर्मा,सतीशचौधरी,निर्भयश्रीवास्तव,रमेश,आकाशश्रीवास्तव,जनार्दनमिश्रऔरनीरजसिंहकेसाथप्रबंधनऔरसंगीतसंचालनसंतोषचौधरी,अमितयादव,जबकिनिर्देशनसंतोषडेनेकिया।