भक्तों के वश में रहते हैं भगवान : स्वामी सत्यनारायण

गोपालगंज।भगवानहमेशाभक्तकेवशमेंरहतेहैं।भक्तकेबिनाभगवानभीअधूरेहैं।येबातेंबुधसीमेंचलरहेश्रीमद्भागवतकथाकेतीसरेदिनगुरुवारकोप्रवचनदेतेहुएस्वामीसत्यनारायणजीमहाराजनेकही।उन्होंनेकहाकिभक्तअगरसच्चेहृदयसेभगवानकीभक्तिकरेंतोस्वयंनारायणकोधरतीपरविभिन्नरुपमेंधरतीपरअवतारलेनापड़ताहै।बाल्यावस्थामेंहीभक्तिकरभक्तराजप्रहलादऔरधूर्पनेईश्वरकोप्राप्तकिया।उन्होंनेकहाकिश्रीमद्भागवतकथाकेश्रवणमात्रसेमनुष्यकेपापनष्टहोजातेहैं।मनुष्यकोमोक्षकीप्राप्तिहोतीहै।श्रीमद्भागवतकथाकेतीसरेदिनभीश्रद्धालुओंकीभीड़लगरही।कथासुननेकेपूर्वश्रद्धालुओंनेयहांबनेहवनकुंडकीपरिक्रमाकरआर्शीवादमांगा।परिक्रमाकरनेवालोंमेंजनार्दनठाकुर,सतेंद्र¨सह,मोहनप्रसाद,हरेंद्रगुप्ता,बैरिस्टरप्रसादसहितकाफीसंख्यामेंलोगशामिलरहे।