भक्तिभाव का उमड़ा ज्वार, हर ओर देवी मैया की जयकार

अंबेडकरनगर:नवरात्रकेतीसरेदिनभक्तिकारंगऔरचटखदिखा।भक्तोंनेमांदुर्गाकेतीसरेस्वरूपचंद्रघंटाऔरचतुर्थस्वरूपकूष्मांडाकीस्तुतिकी।मंदिरोंकेसाथबाजारोंऔरगांवोंमेंपंडालोंकेकपाटखुलगएहैं।इससेपूरावातावरणभक्तिमयहै।मांभवानीकीआराधनाकेलिएसुबह-शामश्रद्धालुउमड़रहेहैं।अकबरपुरमेंविभिन्नस्थानोंपरविशालपंडाललगानेकीतैयारियांतेजकरदीगईहैं।

जगह-जगहस्थापितपंडालोंमेंमातारानीकेदर्शनकोभक्तबड़ीसंख्यामेंपहुंचरहेहैं।ग्रामीणक्षेत्रोंमेंदिनभरभक्तिगीतबजतेरहे।श्रद्धालुओंनेभजनभीगाए।भक्तोंनेदुर्गासप्तशतीकापाठकरमंगलमयजीवनकीकामनाकी।शहजादपुरमेंपंडाटोलास्थितकालीमातामंदिर,नगरपालिकास्थितदुर्गामंदिरमेंदर्शनकेलिएश्रद्धालुबड़ीसंख्यामेंउमड़े।रतनपुरएवंजौहरडीहस्थितदुर्गामंदिरमेंसुबहसेहीभक्तोंकाआनाजारीरहा।श्रद्धालुदेवीमैयाकेजयकारेलगातेरहे।

भक्तजनआजकरेंगेमांस्कंदमाताकीआराधना:पौराणिकमान्यताओंकेअनुसारदेवीस्कंदमाताहीहिमालयकीपुत्रीहैंऔरइसवजहसेइन्हेंपार्वतीकहाजाताहै।मांकमलकेपुष्पपरविराजितअभयमुद्रामेंहोतीहैं,इसीलिएइन्हेंपद्मासनादेवीऔरविद्यावाहिनीदुर्गाभीकहाजाताहै।भगवानस्कंदयानीकार्तिकेयकीमाताहोनेकेकारणइनकानामस्कंदमातापड़ा।स्कंदमाताकीचारभुजाएंहैं।नवरात्रकेपांचवेंदिनसबसेपहलेस्नानकरेंऔरस्वच्छवस्त्रधारणकरें।घरकेमंदिरयापूजास्थानमेंचौकीपरस्कंदमाताकीतस्वीरयाप्रतिमास्थापितकरें।स्कंदमाताकोरोली-कुमकुमलगाएंऔरनैवेद्यअर्पितकरें।

दोवर्षबादफिरशुरूहोगीभव्यरामलीला-

मालीपुर:दोवर्षोंसेबंदचलरहामालीपुरकाऐतिहासिकरामलीलाअबनएस्थानपर10अक्टूबरसेशुरूहोगा।रामलीलाकोदर्शनीय,भव्यवदिव्यबनानेकेलिएरंगमंचतैयारकियागयाहै।यहांरामलीलारेलवेस्टेशनकैंपसमेंहोतारहाहै,जोबीतेदोवर्षोंसेबंदथा।ग्रामप्रधानप्रतिनिधिचंद्रशेखरयादवकीअगुवाईमेंहुईबैठकमेंसमितिकेपदाधिकारियोंनेस्थानबदलनेकेसाथहीरामलीलाकोआधुनिकताकारूपदेनेकासमर्थनकिया।अबयहबुढ़वाबाबापरिसरमेंआयोजितहोगा।समितिअध्यक्षअरुणअग्रवालनेबतायाकिरामलीलाकाउदघाटनपूर्वसांसदडा.हरिओमपांडेयकरेंगे।

दर्शनकेलिएपंडालोंमेंउमड़रहेश्रद्धालु

महरुआ:आनंदनगर,पहितीपुरमेंपंडालसजानेकीतैयारियांतेजीसेचलरहीहैं।आदमपुरतिदौली,हुसैनपुर,हीड़ीपकड़िया,बरामदपुरजरियारी,ककरहवाआदिस्थानोंपरआदिशक्तिमांभवानीकीमूर्तिस्थापितहोचुकीहैं।पंडालमेंसुबह-शामतथादेरराततकदर्शनकेलिएश्रद्धालुओंकातांतालगरहाहै।खासकरमहरुआबाजारकेरामलीलामैदानस्थितमांदुर्गामंदिरपरभीड़उमड़रहीहै।