भगीरथ प्रयास से बह रही अविरल धारा

चंद्रशेखरबड़सील,गरुड़

जिसनदीनेसैकड़ोंवर्षोतकलोगोंकीप्यासबुझाई,वोसूखनेकेकगारपरथी।जिसमेंलगातारपानीकीकल-कलसुनाईदेतीथी,उसमेंकंकड़-पत्थरदिखाईदेनेलगेथे।नदीअपनेअस्तित्वकेलिएजूझरहीथी।ऐसेमेंयदिभूपालजैसेभगीरथनमिलतेतोबुरसौलनदीकीअविरलधाराथमजाती।तहसीलकेमुझारचौरागांवनिवासीभूपालसिंहकठायतऐसेशख्सहैं,जोपिछलेपंद्रहवर्षोसेबुरसौलनदीकोबचानेमेंजुटेहैं।यहएकऐसीनदीहैजोहजारोंलोगोंकीप्यासतोबुझातीहीहै,साथहीकईहेक्टेयरभूमिमेंफसलोंकीसिचाईभीइसीनदीकेपानीसेहोतीहै।पंद्रहवर्षपूर्वबुरसौलनदीसूखनेकेकगारपरपहुंचगईथी।नदीकाजलस्तरइतनाकमहोगयाथाकिसिचाईहोनातोदूरप्यासबुझानेकेलिएभीनदीमेंपानीनहींरहागयाथा।नदीअपनाअस्तित्वबचानेकेलिएकराहरहीथी।भूपालसिंहसेनदीकीयहपीड़ानहींदेखीगई।उन्होंनेतुरंतसंकल्पलियाकिवेपुन:जीवनदायिनीबुरसौलनदीमेंअविरलधाराबहाएंगे।फिरक्याथा,इसकेलिएउन्होंनेनदीकेमुहानेसेएककिमीदूरीतकपौधरोपणकिया।चौड़ीप्रजातिकेइनपौधोंनेपांच-सातवर्षोंमेंहीनदीकेजलस्तरकोबढ़ादिया।आजनदीअपनेपुरानेस्वरूपमेंलौटचुकीहै।वर्तमानमेंभीवेलगातारनदीकेकिनारेपौधरोपणकरतेहैं।बिनाकिसीसरकारीइमदादकेबुरसौलनदीकोबचानेमेंजुटेभूपालसिंहनेनदीमेंपानीमापनेकायंत्रभीलगायाहै।वहसब्जीउत्पादनकेसाथहीअपनाअधिकांशसमयनदीकिनारेपौधेरोपनेमेंबितातेहैं।यहकहनाअतिशयोक्तिनहोगीकिआजभूपालसिंहकेभगीरथप्रयासोंसेहीबुरसौलनदीजीवितहै।

नदी-नालोंवपेयजलस्त्रोतोंकाप्रत्येककोसंरक्षणकरनाचाहिए।बिडंबनाहैकिलोगनदी-नौलों-धारोंकापूजनकरनेकेबजायउनमेंकूड़ाफेंकरहेहैं।सीवरकीनिकासीकररहेहैं।यदिहमसमयरहतेनहींचेतेतोवहदिनदूरनहींजबलोगबूंद-बूंदपानीकेलिएतरसेंगे।-भूपालसिंहकठायत,जलसंरक्षणकेप्रेणता

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