भागवत श्रवण करने से शुद्ध होते हैं आचार-विचार: वेदाचार्य

मुजफ्फरनगर,जेएनएन।तीर्थनगरीशुकतीर्थस्थितदंडीआश्रममेंचलरहीश्रीमद्भागवतकथाज्ञानयज्ञमहोत्सवकेदूसरेदिनराजस्थानकेजयपुरसेआएकथाव्यासअमितशास्त्रीवेदाचार्यनेकहाकिभागवतश्रवणकरनेसेआचार-विचारशुद्धहोतेहैं।भागवतज्ञानकामहासागरहै।इसमेंश्रद्धालुओंकोअवश्यस्नानकरनाचाहिए।भागवतजीवनजीनेकीकलासिखातीहै।भागवतमनुष्यकेजीवनमेंपरिवर्तनलानेकामाध्यमहै।आचार्यनेकहाकिदरिद्रहोकरदानकरना।साम‌र्थ्यवानहोकरदूसरोंकेअपराधक्षमाकरना,युवाअवस्थामेतपकरना,ज्ञानीहोकरमौनरहना।सुखकीसामग्रीरहनेपरभीवैषयिकसुखइच्छानकरना।प्राणीमात्रपरदयाकरना।यहीछहसाधनमनुष्यकोस्वर्गलेजातेहैं।पुण्यकाफलसुखहै।पापकाफलदीनता,दरित्रता,आधी,व्याधि,शोक,संतापदुखहैं।इनकोकोईनहींचाहतापरपापप्रयत्नपूर्वककरतेहैं।धर्मसत्यसेउतपन्नहोकर,दयादानसेबढ़ताहै।क्षमामेंनिवासकरताहैऔरक्रोधसेनष्टहोजाताहै।इससेपहलेश्रद्धालुओंनेदंडीस्वामीगुरुदेवेश्वरआश्रममहाराजकेसानिध्यमेंबैंडबाजोंकेबीचनगरीमेंधूमधामसेकलशयात्रानिकाली।इसमेंश्रद्धालुभक्तिगीतोंपरझूमउठेऔरनृत्यकरनेलगे।इसमेंश्रद्धालुभक्तिगीतोंपरझूमउठेऔरनृत्यकरनेलगे।कथाकेआयोजनमेंरामअवतार,नटवर,कमल,बिमल,सूर्य,मनोहरलालशर्मा,गोपालआदिमुख्यभूमिकानिभारहेहैं।

कुरालसीदेवीमंदिरसुंदरीकरणकाशिलान्यासकिया

संवादसूत्र,बुढ़ाना:विधायकउमेशमलिकवभाजपानेताओंनेगांवकुरालसीस्थितदेवीमंदिरकेसौंदर्यीकरणकार्यकाशिलान्यासकिया।दसकरोड़कीलागतसेमंदिरकाकायाकल्पकरपर्यटनस्थलकेरूपमेंविकसितकियाजाएगा।

क्षेत्रकेगांवकुरालसीस्थितसिद्धपीठमांचित्तपूर्णीशाकुम्भरीदेवीमंदिरकेसौंदर्यीकरणकेशिलान्यासकार्यक्रमकाआयोजनहुआ।कार्यक्रममेंपहुंचेविधायकउमेशमलिकनेकहाकिप्राचीनमंदिरकाजीर्णोद्धारकरउनकापौराणिकमहत्वकायमरखाजाएगा।गांवकुरालसीनिवासीजिलापंचायतसदस्यभाजपानेताठाकुररामनाथसिंहनेकहाकिमंदिरकेसौंदर्यीकरणकेलिए50लाखरुपएकीपहलीकिश्तजारीहोगईहै।देवीमंदिरकेपर्यटनस्थलबनजानेसेक्षेत्रकोनईपहचानमिलेगी।जिलापंचायतअध्यक्षडॉवीरपालनिर्वालनेकहाकिप्राचीनसभ्यता-संस्कृतिकोगहराईसेजाननेकीजरूरतहै।हमारेप्राचीनमंदिरोंकीसुरक्षावसंरक्षणकोलेकरभीजागरूकहो।इसकेलिएभाजपाकीसरकारकार्यकररहीहै।इसदौरानविवेकबालियान,भाजपामंडलअध्यक्षमुकेशउकावली,ब्रजपालसहरावत,प्रमोदगर्ग,हिमांशुसंगल,अंकुशराठी,आदित्यकुमार,घासीरामठाकुर,मोनूमलिकआदिमौजूदरहे।