Bengal Assembly Elections 2021: बंगाल की सियासी धरती पर अब तक की सबसे बड़ी चुनावी जंग

कोलकाता,जयकृष्णवाजपेयी।BengalAssemblyElections2021बंगालकीसियासीधरतीपहलेकांग्रेस,फिरवाममोर्चाऔरउसकेबादतृणमूलकांग्रेसकेलिएकाफीउपजाऊरहीहै।आजादीकेबादसे1977केशुरुआततक,बीचमेंकुछवर्षोकोछोड़देंतोसूबेमेंकांग्रेसकाएकछत्रराजरहा।वर्ष1977मेंमाकपाकीअगुआईमेंवाममोर्चासत्तापरऐसेकाबिजहुआकि34वर्षोतकशासनमेंरहा।मई2011मेंवामपंथीशासनकाअंतहुआऔरपिछलेकरीबएकदशकसेतृणमूलसत्तासीनहै,लेकिनजिसबंगभूमिपरजनसंघकेसंस्थापकडॉ.श्यामाप्रसादमुखर्जीपैदाहुए,वहधराभाजपाकेलिएतीनवर्षपहलेतकबंजरथी।इसकीवजहकांग्रेसऔरवामपंथकीमजबूतजड़ेंरही,जिसनेभगवारंगयहांकेलोगोंपरचढ़नेहीनहींदिया।यहीकारणहैकिवर्ष2019केलोकसभाचुनावकोछोड़करबंगालमेंकभीभाजपादोसेअधिकसीटेंनहींजीतपाई।

विधानसभाचुनावकीबातकरेंतोवर्ष2016मेंपहलीबारभाजपाकाखाताखुलाऔरविधानसभामेंउसकेमात्रतीनसदस्यहीपहुंचपाए।इससेपहलेवर्ष1991और2017केविधानसभाउपचुनावोंमेंसिर्फदोबारभाजपाकोजीतनसीबहुईथी।परंतुइसवर्षपरिस्थितियांकाफीबदलीहुईहैं।एकतरफतृणमूलकांग्रेसतोदूसरीतरफभाजपाबंगालकीधरतीपरअबतककीसबसेबड़ीजंगलड़रहीहै।नतोभाजपानेइससेपहलेबंगालमेंविधानसभाचुनावोंमेंकभीइतनीताकतलगाईथीऔरनहीममताबनर्जीकोइतनीकड़ीचुनौतीमिलीथी।

हुगलीकेशाहगंजमैदानमेंपिछलेदिनोंएकजनसभाकोसंबोधितकरतेपीएममोदी।फाइल

देशकीआजादीकेबादसेबंगालकेचुनावीइतिहासमेंशायदयहपहलामौकाहै,जबकेंद्रमेंसत्तारूढ़दलयहांविधानसभाचुनावकोलेकरइतनीताकतझोंकरहाहै।इससेपहलेममताबनर्जीवामपंथियोंकीपारंपरिकचुनावीरणनीतिसेलड़रहीथीं,लेकिनभाजपाकीअत्याधुनिकरणनीतिसेपहलीबारउनकासामनाहोरहाहै।वर्ष2019केलोकसभाचुनावमेंबंगालमेंभाजपाकोजिसतरहसेसफलतामिली,उससेभाजपानेतृत्वकाफीउत्साहितहै।भगवाब्रिगेडकोलगनेलगाहैकिकांग्रेस,वाममोर्चाऔरतृणमूलकेबादअबबंगालकीजनताकेमनमेंभाजपाकेप्रतिलगावबढ़ाहै।वर्ष2009और2014केलोकसभाऔर2011व2016केविधानसभाचुनावोंमेंवामपंथियोंकोत्यागनेकेबादयहांकीजनतातृणमूलयायूंकहेंकिममताबनर्जीकेरंगमेंरंगगईथी।

इसीकानतीजाथाकिवर्ष2008केपंचायतचुनावकेबादसेतृणमूल2019केपहलेतकएकभीचुनावनहींहारी,लेकिनइसविधानसभाचुनावमेंहवाबदलीहुईदिखरहीहै।देशकेप्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीहोंयाफिरकेंद्रीयगृहमंत्रीअमितशाह,भाजपाअध्यक्षजेपीनड्डाहोंयाफिरकेंद्रीयमंत्रियोंसमेतभाजपाकेअन्यनेता,इनसभीकीसभाओं,रैलियोंऔररोडशोमेंजिसतरहसेभीड़जुटरहीहै,वहकहींनकहींयहांकेलोगोंपरचढ़रहेभगवारंगकोदर्शारहाहै।हालांकिविधानसभाचुनावकापरिणामक्याहोगा,यहतोदोमईकोपताचलेगा,लेकिनइतनातयहैकिइसबारकुछअलगहोनेवालाहै।ममतातीसरीबारसत्तामेंआतीहैंयाफिरभाजपाकेहाथसत्तालगतीहै,यहतोबादकीबातहै।एकबड़ीबातयहहैकिडॉ.श्यामाप्रसादमुखर्जीकीधरतीपरभगवाकेप्रभावकाविस्तारहोचुकाहै।हरगली-मोहल्लेमेंतृणमूलऔरवाम-कांग्रेसकेसाथ-साथअबभगवाझंडाभीलहरानेलगाहै।

पीएमकीसभाकेकुछदिनोंबादउसीमैदानमेंजनसभाकोसंबोधितकरतींममता।फाइल

बंगालकीजनतानेपहलेकांग्रेस,फिर1977सेअप्रैल2011तकवाममोर्चाकोसत्तासौंपीऔर2011मेंतृणमूलकोसत्तारूढ़करदिया।वर्ष1977मेंवामपंथियोंको47.63फीसदवोटमिलेथेऔरज्योतिबसुमुख्यमंत्रीबनेथे।इसकेबाद34वर्षोतक50फीसदसेअधिकमतोंकेसाथबंगालकीसत्तापरवाममोर्चाकाबिजरहा।वर्ष2011केविधानसभाचुनावसेपहलेकेहालातकेविश्लेषणसेपताचलाकिबंगालकीजनतास्वभावसेकरीब34वर्षोतकवामपंथीहोगईथी,लेकिन2006केविधानसभाचुनावकेबादबदलावदेखागया।वर्ष2011मेंतोपूरापरिवर्तनहोगयायानीवामपंथीस्वभावकोत्यागकरलोगतृणमूलकेरंगमेंरंगगएऔरममताबनर्जीको48.4फीसदवोटदेकरसत्तारूढ़करदिया।इसप्रकारवामपंथीहोजानेकीजोछापयहांकीजनतापरलगीथी,उसेभीउन्होंनेबदलदिया।पिछलेलोकसभाचुनावमेंजहांतृणमूलकांग्रेसको43.3फीसदवोटमिले,वहीं40.7फीसदमतदाताओंकेस्वभावमेंएकबारफिरपरिवर्तनदिखाऔरभाजपाकोबंगालमेंअभूतपूर्वसफलतामिली।

इसबारहोनेजारहेचुनावमेंभीजनताकामूडहरकोईजाननेकोबेताबहै।हरेकदलकाअपना-अपनादावाहै।लड़ाईभीकाफीकड़ीहै।यहांकीजनताकाफैसलाक्याहोगा?यहतोदोमईकोपताचलेगा।परएकबातजोसबसेखासहै,वहयहकिअबबंगालकेलोगभीहरेकचुनावमेंकिसीएकदलयामोर्चाकोसमर्थनदेनेकेपक्षमेंनहींदिखरहेहैं।वैसेबंगालकेमतदाताशुरूसेहीदोभागोंमेंबंटेरहेहैं।वर्ष1977सेपहलेकांग्रेससमर्थकऔरगैरकांग्रेससमर्थकयानीवामपंथी।अबतृणमूलऔरभाजपासमर्थकदिखरहेहैं।

[राज्यब्यूरोप्रमुख,बंगाल]