बेडों की कम संख्या बढ़ा रही मरीजों का दर्द

बलरामपुर:²श्यएक:सुबह11.10बजे।जिलामहिलाचिकित्सालय।प्रसवकक्षकेबाहरमध्यनगरगांवनिवासिनीगर्भवतीसुनीताफर्शपरलेटीदर्दसेकराहतीमिली।पतिरामदासनेबतायाकिरातमेंअस्पतालआयाहै,लेकिनबेडनहींमिला।स्टाफनर्सनेटाइमनहोनेकीबातकहकरडिलीवरीरूपसेबाहरनिकालदिया।बरदौलियागांवसेआईंगर्भवतीअंजलीवगंगाडिहवानिवासीकुसुमाभीफर्शपरलेटीमिलीं।परिवारजनउन्हेंघेरकरबैठेथे।²श्यदो:11.15बजे।राजापुरभरियानिवासीकन्हैयालालस्वास्थ्यकर्मियोंसेबहसकरतेदिखे।बतायाकिसुबहसातबजेगर्भवतीबहूविशाखाकोलायाहूं,लेकिनअबतकउसेकिसीचिकित्सकनेनहींदेखा।बहूरोगीसहायताकेंद्रकेबाहरफर्शपरलेटीहै।पूरबटोलानिवासीदीपकनेबतायाकिरातमेंकर्मचारीतीमारदारोंकोवार्डसेधक्कादेकरनिकालदेतेहैं।²श्यतीन:11.20बजे।मेडिकलवसर्जिकलवार्डमेंभर्तीमरीजएवंतीमारदारगर्मीसेबेहालथे।कईलोगघरसेलायापंखालगाएहुएथे।निरभाकेसाथबैठेतीमारदारोंनेबतायाकिगर्मीसेबचावकीव्यवस्थानहींहै।पांचदिनसेपंखालगाएहैं।संतोषवदीपकनेबतायाकिमरीजकोखूनचाहिए।इसकेलिएपैथोलॉजीमेंतैनातकर्मचारीदौड़ारहेहैं।यहमामलेमहजबानगीभरहै।जिलामहिलाचिकित्सालयमेंअव्यवस्थाओंकाबोलबालाहै।प्रतिदिन250कीओपीडीवालेअस्पतालमेंदोडॉक्टरहीमरीजदेखतेहैं।ऐसेमेंगर्भवतीकोघंटोंलाइनमेंजूझनापड़ताहै।कर्मचारीमरीजवतीमारदारोंसेअभद्रताकरतेहैं।गंदगीकेकारणबच्चोंकेडॉक्टरओपीडीछोड़करचलेजातेहैं।मरीजोंकोबाहरीदवावजांचलिखनेकाखेलभीचलरहाहै।बावजूदइसकेजिम्मेदारअफसरोंकीनजरनहींपड़रहीहै।जिम्मेदारकेबोल:

-प्रभारीसीएमएसडॉ.आरपीमिश्रकाकहनाहैकि30केसापेक्षअस्पतालमें60बेडहै।इसकेबादभीसंख्याबढ़नेपरकुछमरीजोंकोबेडनहींमिलपाताहै।डॉक्टरकीतैनातीवव्यवस्थासुधारनेकेलिएउच्चाधिकारियोंसेवार्ताकीजाएगी।