बाढ़ व कटान की त्रासदी झेल रहे किसान

बहराइच):घाघराकेतटवर्तीगांवोंकेग्रामीणोंकोहरसुबहएकनईदुश्वारियोंकासामनाकरनापड़ताहै।बाढ़कीत्रासदीझेलरहेकिसानअबकटानकीमुसीबतसेदो-चारहैं।मेहनतसेखेतोंमेंउगाईगईफसलनदीकीभेंटचढ़रहीहै।हरी-भरीफसलोंकोखुदअपनेहीहाथोंसेकिसानकाटकरमवेशियोंकाचाराबनारहेहैं।

पिछलेडेढ़दशकसेघाघराकीलहरेंतटवर्तीगांवोंकोखंगालरहीहैं।खेत,बाग-बगीचाधारामेंसमागए।तकरीबन14राजस्वगांवराजस्वनक्शेसेहीओझलहोगए।वर्तमानमेंघाघराकीक्रूरलहरोंकीनजरेंतहसीलक्षेत्रकेलालापुरवावपासिनपुरवागांवपरटेढ़ीहोगईहैं।कटानकीविभीषिकासेग्रामीणोंकीआंखोंकेसामनेलहलहातेखेतसमारहेहैं।तिकुरीगांवनिवासीदुर्गेशवबृजेशका10वर्षपूर्वआशियानाकटगयाथा।दुर्गेशकरेहनागांवकेनिकटहोटलकीछोटीसीदुकानचलाकरजीवनयापनकरतेहैं,जबकिदूसराभाईबृजेशपरदेशमेंरहकरमेहनतमजदूरीकरताहै।ग्रामीणोंकीमानेंतोदुर्गेशकेपासलालापुरवागांवकेनिकटदोबीघाजमीनहै।दुर्गेशनेमेहनतकरअपनेखेतमेधानकाबेरनलगायाथा।उम्मीदथीकिकुछधानजरूरमिलजाएगा,लेकिनघाघराकोशायदइम्तिहानलेनाथा।वहबची-खुचीखेतीभीघाघराकेनिशानेपरआगईहै।खेतमेंलगीलहलहातीधानकीफसललहरोंमेंसमारहीहै।यहतोएकबानगीहै।गांवकेरामधीरजकेपासतीनबीघा,रामसमोहनकेपासदो,दीनानाथकेएकवराधेश्यामकेपासदोबीघेजमीनहै।कटानकेमुहानेपरलगीधानकीलगीफसलकोकिसानखुदअसमयअपनेहाथोंसेकाटकरजानवरकाचाराबनारहेहैं।रामधीरजसेजबपूछागयातोउन्होंनेशून्यमेंनिहाराऔरभावुकहोउठे।बसयहीबोलसकेकिसोचथाकिबच्चोंकेखिचड़ी,गोलाथीकाप्रबंधहोजाएगा।लेकिनगंगामैयाकोयहभीमंजूरनहींथा।कटानपीड़ितपरिवारअपनीलहलहातीगन्नावधानकीफसलअसमयकाटरहेहैं।खेतोंमेंजोपूंजीनिवेशकीथीउसकीवापसीभीसंभवनहीं।ऐसेमेंयहकिसानहालातकेथपेड़ेसह-सहकरपरेशानहैं।