असहाय लोगों का सहारा बनी बबली

जागरणसंवाददाता,औरैया:कस्बाबेलामेंएकगरीबपरिवारकीगृहणीबबलीअसहायबीमारलोगोंकासहाराबनी।प्राइमरीतकशिक्षितहोनेकेबादभीवहचिकित्सकोंसेबातचीतकरनेमेंनहींहिचकतीं।अपनेजाननेवालोंकेअलावावहकस्बावक्षेत्रकेविभिन्नबीमारियोंसेपीड़ितोंकोअस्पतालतकलेजातीहैं।उनकीतीमारदारीकोअपनेजीवनकाहिस्सामानतीहैं।

बबलीकाकहनाहैकिउनकेपतिजाकिरअलीअहमदाबादमेंसिलाईकाकामकरतेहैं।वहघरपरसिलाईकढ़ाईकाकार्यकरपुत्रचमन,आतिफअली,पुत्रियोंशबियानूरवनायाबकोउच्चशिक्षादीक्षादिलानेकेलिएप्रयासरतहैं।बीमारियोंसेपीड़ितलोगोंकोवहजिलेकेअस्पतालोंतकलेजाकरउनकीदेखभालकरतीहैं।बाहरकेशहरोंमेंरेफरकरनेपरवहउनकासाथदेतींहैं।बाहररहकरकभी-कभीउन्हेंदोतीनदिनभीरुकनापड़ताहै।इनपरिस्थितियोंकेलिएउन्होंनेबच्चोंकोखिचड़ीवदलियाबनानासिखादियाहै।जिससेवहहमारीअनुपस्थितमेंअपनापेटभरलेतेहैं।20सालसेवहबेला,असेनी,रसूलाबाद,बेवरआदिकीमंजूदेवी,नदीम,सायना,साकरीन,रोशनी,अकबरीबेगमआदिदर्जनोंमरीजोंकीमददकरचुकीहैं।अल्लाहकीरहमतहैकिसभीआजखुशहालवस्वस्थ्यजीवनव्यतीतकररहेहैं।पिछलेसप्ताहबेलाकेदोनिर्धनलोगोंकोडेंगूकीबीमारीनेघेरलिया।नाकसेब्लडआनेकेबादचिकित्सकोंनेभीहाथखड़ेकरदिए।वहउन्हेंहैलटलेकरगईं।इलाजकेदौराननिरंतरसाथरहीं।यहअपनासौभाग्यमानतीहैंकिदोनोंहीपूर्णरूपसेस्वस्थ्यहैं।अभीभीअपनेघरपरजयपुरनिवासीहजरतगुरुमुहम्मदअलीकीतीमारदारीकररहीहैं।आयुर्वेदचिकित्सासेलीवरजैसीघातकबीमारीसेछुटकारादिलाया।अफसोससिर्फइसबातकाहैकिगरीबीकेचलतेउन्हेंउच्चशिक्षाप्राप्तनहींहोसकी।