अफगानिस्तान में सत्ता परिवर्तन के ढाई महीने बाद बच्चों के भविष्य पर प्रश्न चिह्न बरकरार

(पैट्रिकओलीरी,प्रोफेसर,ग्रिफिथक्रीमोनोलॉजीइंस्टिट्यूटएंडस्कूलऑफहेल्थसाइंसेजएंडसोशल)ब्रिस्बेन,चारनवंबर(दकन्वरसेशन)अफगानिस्तानकीसत्तापरतालिबानकीवापसीकेलगभगढाईमहीनेबाददेशकीस्थितिऔरविशेषकरबच्चोंकीहालतचिंताजनकहै।विश्वखाद्यकार्यक्रमकेसर्वेक्षणकेअनुसार,95प्रतिशतघरोंकेलोगपर्याप्तमात्रामेंआहारनहींलेरहेहैं।अर्थव्यवस्थाढीनेकीकगारपरहैजिससेबच्चोंकाजीवनऔरउनकेपरिवारकीआजीविकापरसंकटहै।संयुक्तराष्ट्र,वैश्विकसमुदायसेनकेवलअफगानिस्तानकोदीजानेवालीवित्तीयसहायताबढ़ानेबल्किमहिलाओंऔरबच्चोंकीसुरक्षाकीनिगरानीकरनेकीभीअपीलकररहाहै।भूखऔरकुपोषणकेखतरेकोदशकोंतकचलीहिंसाऔरअभावसेअलगकरकेनहींदेखाजासकता।अफगानिस्तानमेंकईपीढ़ियोंतकबच्चेऐसीहीमाहौलमेंपलेबढ़ेहैं।बच्चोंकेप्रतिहिंसाकेसामान्यीकरणकीस्वीकृतिदेनेकेखिलाफबदलावकीकुछउम्मीदपहलेदिखीथीजिसेसंस्थागतसुधारकेआधारपरकियाजानाथालेकिनअबवहभीखत्महोतानजरआरहाहै।अफगानिस्तानमेंबच्चोंकेप्रतिकईप्रकारकीहिंसाहोतीरहीहैजिसमेंयौनहिंसा,घरेलूऔरपारिवारिकहिंसा,स्कूलोंतथाअन्यजगहोंपरकियेगएबमधमाकेशामिलहैं।युद्धग्रस्तदेशमें2019कीशुरुआतसे2020केअंततक,5700लड़कियोंऔरबच्चोंकीहत्याहुईहैयावेघायलहुएहैं।लड़कियोंकोजहांशिक्षासेवंचितरखागयावहीं,बच्चोंकोतालिबानजैसेसमूहोंनेलड़ाईकेलिएभर्तीकिया।अफगानिस्तानमेंलंबेसमयतकचलेयुद्धमेंकईबच्चोंनेअपनेमातापिताकोखोयाहैइसलिएअनाथबच्चोंकोसहारादेनेमेंअनाथालयोंनेबड़ीभूमिकानिभाईहै।घरेलूऔरविदेशीआर्थिकसहायतामेंकमीकेकारणअनाथालयअबउसतरहकीसुविधानहींदेपारहेहैं।कुछअनाथालयोंमेंतोअबबच्चोंकोखानाभीकमदियाजानेलगाहै।हालमेंहुएशोधमेंपताचलाहैकिबच्चोंकोघरपरअपनेमातापिताकीओरसेपहलेकेमुकाबलेअधिकहिंसाझेलनीपड़रहीहै।कईमातापिताकायहभीमाननाहैकिकुछप्रकारकेअहिंसकतरीकोंकेजरियेप्रभावीढंगसेअनुशासनलायाजासकताहै।हमने2018-19से“सापरपरियोजना”कामूल्यांकनकियाजोस्विट्जरलैंडस्थितएकअंतरराष्ट्रीयगैरसरकारीसंगठनद्वारासंचालितहै।यहसंगठनबच्चोंकेअधिकारऔरकल्याणकेलिएकामकरताहै।इसकार्य्रकममेंबच्चोंऔरमहिलाओंकोसामाजिककार्यसेवाऔररोजगारपरकप्रशिक्षणदियाजाताथा।इसकार्यक्रममेंशामिलहोनेकेबादबच्चोंकोतोउम्मीदजगीलेकिनमहिलाओंकेलिएऔपचारिकरोजगारकीकमीकेकारणविकल्पनहींबचेऔरवेसमाजकेहाशियेपरपहुंचगई।तालिबानकीवापसीबादयहसबजारीरहनेकीआशंकाहैतथामहिलाओंकीस्वतंत्रता,शिक्षाऔररोजगारपरऔरअधिकपाबंदीलगनेकाअनुमानहै।दकन्वरसेशनयशशाहिदशाहिद