अफगानिस्तान में अब तालिबान का राज, भारत के लिए आगे कैसी मुश्किल, 5 पॉइंट्स में समझिए

नईदिल्‍लीअफगानिस्‍तानमेंअबतालिबानकाराजआगयाहै।अमेरिकाकेसमर्थनवालीसरकारसत्तासेबेदखलहोचुकीहै।भारतकाभीअफगानिस्‍तानमेंबहुतकुछदांवपरलगाहै।उसनेपड़ोसीदेशमेंअरबोंडॉलरकानिवेशकियाहुआहै।अबतकउसकेसंबंधभीइसपड़ोसीकेसाथबेहदअच्‍छेरहेहैं।हालांकि,बंदूककेजोरपरसत्‍तामेंआईतालिबानकी'नईअफगान'सरकारकेसाथउसकेताल्‍लुकातकैसेरहतेहैं,यहपूरीतरहवहांकेनेतृत्‍वपरनिर्भरकरेगा।पाकिस्‍तानऔरचीनसेभारतकेरिश्‍तोंमेंपहलेसेखटासहै।अगरहमारा'दोस्‍त'भीउनकीगोदमेंजाबैठातोनिश्चितहीयहभारतकेलिहाजसेअच्‍छानहींहोगा।फिलहाल,बहुतआशंकाएंऔरसवालहैं।आइए,यहांऐसेकुछपॉइंट्सकोसमझतेहैंजहांभारतकेसामनेमुश्किलेंआसकतीहैं।-भारतीयोंकीसुरक्षितवापसी,वहांभारतीयमूलकेहिंदुओंऔरसिखोंकीसुरक्षादिल्लीसिखगुरुद्वाराप्रबंधकसमितिकेप्रमुखमनजिंदरसिंहसिरसानेसोमवारकोदावाकियाकिअफगानिस्तानमेंबदलेसुरक्षाहालातकेबादकईहिंदुओंऔरसिखोंनेकाबुलकेकरतेपरवानगुरुद्वारेमेंशरणलीहुईहै।हिंदुओंऔरसिखोंसहितअफगानिस्तानमेंमौजूदअल्पसंख्यकोंकीसुरक्षाकोलेकरचिंतितहोनेकेकारणवहकाबुलगुरुद्वारासमितिकेअध्यक्षकेसंपर्कमेंहैं।बतायागयाहैकिमौजूदाहालातकेमद्देनजर50हिंदुओंऔर270सेज्यादासिखोंसहित320सेज्यादालोगोंनेकाबुलकेकरतेपरवानगुरुद्वारेमेंशरणलीहुईहै।तालिबाननेताओंनेउनसेमुलाकातकीहैऔरउनकीसुरक्षाकाआश्वासनदियाहै।सिरसानेउम्‍मीदजताईकिअफगानिस्तानमेंराजनीतिकऔरसैन्यबदलावोंकेबावजूदहिंदूऔरसिखवहांसुरक्षितजीवनजीसकेंगे।अफगानिस्तानकेताजाघटनाक्रमपरप्रतिक्रियाव्यक्तकरतेहुएविदेशमंत्रालयनेकहा,'हमअफगानसिखऔरहिंदूसमुदायोंकेप्रतिनिधियोंकेसाथलगातारसंपर्कमेंहैं।हमउनलोगोंकीभारतवापसीकेलिएसुविधामुहैयाकराएंगेजोअफगानिस्तानछोड़नाचाहतेहैं।'पूर्वराजनयिकोंनेकहा-अफगानिस्तानपरतालिबानकाकब्‍जाभारतकेलिए'झटका',अभीनागरिकोंकोनिकालनेपरहोफोकस-तालिबानकेसाथपाकिस्तानऔरचीन,अबकैसेनिपटेगाभारतपाकिस्‍तानऔरचीनतालिबानकोमदददेतेरहेहैं।दोनोंहीदेशतालिबानकेलगातारसंपर्कमेंभीहैं।इसतरहतालिबानकेसाथपाकिस्‍तानऔरचीनदोनोंहैं।वहीं,भारतकारुखइसमामलेमेंथोड़ाउलटरहाहै।हालमेंमोदीसरकारनेऐलानकियाथाकिवहअफगानिस्‍तानमेंतालिबानसरकारकोमान्‍यतानहींदेगी।यहीरुखअमेरिकाऔरकईयूरोपीयदेशोंकाभीहै।वैसेतालिबानकहतारहाहैकिपहलेकीतरहवहभारतकेसाथसंबंधबनाएरखनेकाइच्‍छुकहै।हालकेकुछसमयमेंपाकिस्‍तानऔरचीनकेसाथभारतकेसंबंधकाफीखट्टेरहेहैं।इनदोनोंकेसाथ'हमारेएकदोस्‍त'मुल्‍ककाखड़ाहोजानानिश्चितहीभारतकेलिएअच्‍छानहींहोगा।भारतकभीनहींचाहेगाकिवहक्षेत्रमेंअपनेएकसहयोगीकोगंवादे।भारतसहितकईदेशतालिबानकेअफगानिस्तानकीसत्तापरइतनीजल्दीकाबिजहोनेसेचकितहैं।-कश्मीरकोलेकरचिंताएंविदेशमंत्रालयमेंसचिव(पूर्व)रहचुकेअनिलवाधवाकाकहनाहैकिकाबुलपरतालिबानकानियंत्रणभारतकेलिएसामरिकदृष्टिसे'झटका'है।उन्होंनेकहाकिअफगानिस्तानकेसंदर्भमेंभारतकोफिलहाल'प्रतीक्षाकरनेऔरनजरबनाएरखने'कीरणनीतिपरअमलकरनाचाहिए।वाधवाकेमुताबिक,शुरुआतीसंकेतोंसेलगताहैकिपाकिस्तानीखुफियाएजेंसीआईएसआईइसवक्तहक्कानीनेटवर्ककेजरियेतालिबानपरनियंत्रणकिएहुएहै।भारतकाआगेकाकदमइसबातपरनिर्भरकरेगाकितालिबानभविष्यमेंकैसेव्यवहारकरेगाऔरक्यावहआतंकीहमलोंकेलिएअफगानिस्तानकाउपयोगकरेगा।वाधवानेयहभीकहाकिआनेवालेसमयमेंभारतकोसंवादकारास्ताभीखोलनाहोगा।हालांकि,फिलहालप्राथमिकताभारतीयनागरिकोंकोसुरक्षितबाहरनिकालनेपरहोनीचाहिए।भारतनेदोसालपहलेजम्मू-कश्मीरकोविशेषराज्‍यकादर्जादेनेवालेआर्टिकल370कोखत्‍मकियाथा।पाकिस्‍तानलगातारइसकाविरोधकरतारहाहै।वहअपनेयहांसेआतंकियोंकोभीभारतभेजनेकीकोशिशकरतारहाहै।काबुलपरतालिबानकानियंत्रणभारतकेलिएसामरिकदृष्टिसे'झटका'है।अफगानिस्तानकेसंदर्भमेंभारतकोफिलहाल'प्रतीक्षाकरनेऔरनजरबनाएरखने'कीरणनीतिपरअमलकरनाचाहिए।अनिलवाधवा,विदेशमंत्रालयमेंपूर्वसचिव-तालिबानकेसाथसंबंधकैसेहोंगेकाबुलपरतालिबानकानियंत्रणस्थापितहोजानेकेबादअफगानिस्तानकेभविष्यकोलेकरअस्थिरताकेबादलमंडरारहेहैं।अबतकभारतऔरअफगानिस्‍तानकेसंबंधबेहदअच्‍छेरहेहैं।यहीकारणहैकिभारतनेदिलखोलकरवहांनिवेशकियाहै।कईसड़क,पुल,इमारतोंसहितदेशकीबड़ीइंफ्रास्‍ट्रक्‍चरपरियोजनाओंमेंभारतनेअरबोंडॉलरलगाएहैं।विदेशमंत्रालयकेप्रवक्ताअरिंदमबागचीनेसोमवारकोकहाकिअफगानिस्तानकीस्थितिपरउच्चस्तरपरलगातारनजररखीजारहीहै।सरकारअफगानिस्तानमेंभारतीयनागरिकोंऔरअपनेहितोंकीसुरक्षासुनिश्चितकरनेकेलिएसभीकदमउठाएगी।पिछलेकुछदिनोंकेदौरानकाबुलमेंसुरक्षास्थितिकाफीखराबहोगईहै।इसमेंतेजीसेबदलावहोरहाहै।कईऐसेअफगानहैंजोपारस्परिकविकास,शैक्षिकऔरलोगोंसेलोगोंकेबीचकेसंपर्ककेप्रयासोंकोबढ़ावादेनेमेंभारतकेसहयोगीरहेहैं।अमेरिकाको9/11जैसेआतंकीहमलेकाडर?तालिबानशासनमेंआतंकियोंकीपनाहगाहबनसकताहै'नयाअफगानिस्‍तान'-आतंकियोंकीपनाहगाहबनातोक्‍याहोगारुखतालिबानबंदूककेबलपरसत्‍तामेंलौटेहैं।लिहाजा,इसबातकीआशंकाहैकिअफगानिस्‍तानकहींआतंकियोंकीपनाहगाहनबनजाए।तालिबानकेअलकायदाकेसरगनाओंकोशरणदेनेकेकारणदोदशकपहलेअमेरिकानेतालिबानपरहमलाकियाथा।विशेषज्ञोंकाकहनाहैकितालिबानऔरअलकायदाकागठबंधनबनाहुआहै।दूसरेहिंसकसमूहोंकोभीनएशासनकेतहतसुरक्षितपनाहगाहमिलसकतीहै।कुछजानकारोंकाअबमाननाहैकिअलकायदाजैसेआतंकीसमूहउम्मीदसेकहींज्यादातेजीसेअपनेपांवपसारसकतेहैं।अगरऐसाहोगातोभारतकोअपनारुखबिल्‍कुलस्‍पष्‍टकरनाहोगा।वहऐसेकिसीदेशकेसाथखुदकोनहींखड़ाकरसकताहैजोदुनियाभरमेंआतंकियोंकीसप्‍लाईकरनेवालाहो।