अंशुल गुप्ता बने पूसी रेल के नए जीएम

जागरणसंवाददाता,सिलीगुड़ी:

यूपीएससीके1984बैचतथाभारतीयरेलकेसिग्नलइंजीनियरसेवाकेअधिकारीअंशुलगुप्तापूसीरेलकेमहाप्रबंधकजीएमकेरूपमेंनियुक्तकिएगएहैं।इससेपहलेवेअपरसदस्य(सिग्नल)रेलबोर्ड,नईदिल्लीकेरूपमेंकार्यरतथे।इसकेपहलेवेअतिरिक्तमहाप्रबंधक,पश्चिममध्यरेलवे,जबलपुरतथामुख्यकार्यकारीनिदेशक(सिग्नल),रेलबोर्डकेरूपमेंअपनीसेवाप्रदानकरचुकेहैं।वेउत्तररेलवेकेदिल्लीमंडलतथादक्षिणपूर्वरेलवेकेआद्रामंडलकेमंडलरेलप्रबंधककेरूपमेंभीकार्यचुकेहैंतथादक्षिणपूर्वरेलवेकेराचीमंडलकेमंडलरेलप्रबंधककेप्रभारभीसम्भालचुकेहैं।

शिक्षातथासेवाकालदोनोंमेंश्रीगुप्ताकाकैरियरकाफीसफलरहाहै।उन्होंनेगरिमामयइंडियनइंस्टीट्यूटऑफसाइंस,बंगलोरसेआíटफिशियलइंटेलीजेंसमेंविशेषज्ञताकेसाथकम्प्यूटरएवंसूचनाविज्ञानमेंइंजीनियरिंगमेंमॉस्टरडिग्रीसम्पन्नकियाहै।भारतीयरेलमेंनियुक्तहोनेकेउपरातउन्होंनेरेलवेसिग्नलएवंटेलीकॉमसिस्टमकेपरिचालनतथारखऱखाव,सिग्नलिंगतथाटेलीकॉमसिस्टमोंकेआधुनिकीकरणकीपरियोजनाओंकीदेखरेख,रेलवेसिग्नलिंगतथाटेलीकम्युनिकेशनसिस्टमकेक्षेत्रमेंवेंडरएवंउत्पादविकास,रेलवेकीजरूरतोंकेलिएनिíमतसामग्रीकेलिएगुणवत्तानिरीक्षणजैसेविभिन्नभूमिकाओंकोसक्षमतासेनिभाचुकेहैं।

वेभारतीयरेलकीआधुनिकसिग्नलिंगसिस्टमों,विशेषकरहमारेदेशमेंविकसितटीसीएएस(ट्रेनकोलिशनएवॉयडेंससिस्टम)सिस्टमकेप्रवर्तनतथाअंगीकरणकेलिएउपयुक्तनीतियोंकेविकासमेंउनकीभूमिकाकाफीकारगाररही।वेरेलटेलमेंग्रुपजनरलमैनेजर/मार्केटिंगकेरूपमेंभीकार्यचुकेहैंतथारेलटेलकेलिएनेशनलनॉलेजनेटवर्कतथाएनओएफएन(नेशनलऑप्टिकफाइबरनेटवर्क)कीउच्चदृश्यतातथालाभदायकपरियोजनाओंकोप्रस्तुतकरनेमेंकाफीकारगारसाहितहुए।इनपरियोजनाओंकेजरिएब्रॉडबैंडकेप्रसारमेंसुधारआयातथासम्पूर्णपूर्वोत्तरक्षेत्रकेलिएडिजिटलविभाजनकेसेतुकेरूपमेंकार्यकिया।

श्रीगुप्तानेएमडीआई,गुड़गांवतथाजार्जमैसोनयूनिवíसटी,वíजनियासेपब्लिकपॉलिसीमेंभीस्नातकोत्तरपाठ्यक्रमकीभीडिग्रीहासिलकीहै,वहावेभारतीयरेलकेलिएडेडिकेटेडफ्रेटकॉरिडोरहेतुसमेकितलॉजिस्टिकप्रणालीकेउत्थानपरथिसिसभीलिखचुकेहैं।अंतरराष्ट्रीयस्तरपरतकनीकीकागजातप्रस्तुतीकरणकाउनकाविशालअनुभवहै।