अमेरिका में भारतीयों को सनातन संस्कृति से जोड़ रहे डॉ. सोमपाल

अनिलअवस्थी,अमरोहा:स्वामीदयानन्दसरस्वतीकेविचारऔरस्वामीविवेकानंदकीदिशालेकरअमेरिकागएडॉ.सोमपालवहांभारतीयोंकोसनातनसंस्कृतिसेजोड़रहेहैं।आर्यसमाजकामिशनबिनारुकेचले,इसलिएउन्होंनेअंग्रेजीसीखी।इंजीनियरिंगपूरीकरकेनौकरीहासिलकी।अबउन्हेंजोभीधनराशिमिलतीहै,उसीसेअमेरिकामेंसनातनसंस्कृतिकेप्रचार-प्रसारसंगभारतीयताकाडंकाबजारहेहैं।

अमरोहादेहातथानाक्षेत्रकेगावमोढ़ातैयाकेडॉ.सोमपालसिंहनेगुरुकुलकागड़ीसेसंस्कृतमेंएमएकिया।फिरचंडीगढ़मेंसंस्कृतपरशोधकियाऔरडीएवीकॉलेजआकरसंस्कृतपढ़ानेलगे।संस्कृतमेंउनकीविद्वतादेखभारतीयसंस्कृतिकेप्रचारप्रसारकादायित्वमिला।आर्यसमाजकीओरसेदोवर्षीयमिशनपर1995मेंअमेरिकागए।समयकेसाथसंस्थाकाकामपूराहोगयाऔरडॉ.सिंहकोवतनवापसलौटनाथामगर,वहनहींआए।यहदेखकरकिवहाबसेभारतीयपरिवारअपनीसनातनसंस्कृतिसेदूरहोतेजारहेहैं।फिरक्याथा,उन्होंनेअमेरिकीभारतीयोंमेंसंस्कृतिऔरसंस्कृतजागृतकरनेकाबीड़ाउठालिया।मिशनकेलिएनौकरीसेकीशुरुआत

-मिशनबंदहोनेकेबादकामआगेबढ़ानाडॉ.सिंहकेलिएआसाननहींथा।ऐसेमेंउन्होंनेएकजनरलस्टोरपरनौकरीकी,समयनिकालकरअंग्रेजीपढ़ीऔरइंजीनियरिंगकीडिग्रीभीहासिलकी।थोड़ेसमयमेंहीदोनोंकेजानकारबनगए।पहलेसाक्षात्कारमेंहीमानसिकरोगविभागमेंबतौरकंप्यूटरइंजीनियरनियुक्तिमिलगई।उनकीविद्वतादेखअमेरिकीसरकारनेनागरिकतादेनेमेंदेरनहींलगाई।कागजोंमेंअबवहअप्रवासीहैंमगर,तन-मनसेआजभीदेसी।तबसेलेकरअबतकअपनेसंकल्पकेसाथ,लॉसएंजिल्समेंजमेहैं।अग्निमीडेसंस्थाबनाई

-डॉ.सिंहनेभारतीयताकीमुहिमचलानेकेलिएअमेरिकामेंअग्निमीडेसंस्थाबनाईहै,जिसकाअर्थअग्निस्वरूपपरमेश्वरकाउपासकहै।संस्थाकेजरियेअमेरिकामेंबसेभारतीयपरिवारोंकोजोड़ाहै।प्रत्येकसप्ताहशनिवारवरविवारकेअवकाशमेंभारतीयपरिवारोंकोसनातनधर्मकीजड़ोंसेजोड़तेहैं।वेद,पुराण,संस्कृत,हवन,यज्ञकोविस्तारसेसमझातेहैं।25वर्षोसेलगातारपश्चिममेंभारतीयसंस्कृतिकाडंकाबजारहेहैं।

अभीभीअपनेगांवसेजुडे़हैं

-डॉ.सोमपालआजभीअपनेगावसेजुड़ेहैं।जबभीआतेहैं,चोटीपुरापहुंचजातेहैं।वहागुरुकुलमेंदीक्षालेरहींछात्राओंसेसंस्कृतमेंतर्क-वितर्ककरतेहैं।बतातेहैंकिविश्वमेंकैसेसनातनधर्मअपनीछापछोड़रहाहै।गुरुकुलकीप्राचार्यडॉ.सुमेधाबतातीहैंकिगुरुभाईसोमपालअबसंस्कृतकीतरहअंग्रेजीमेंभीप्रखरहोचुकेहैं।पश्चिममेंपूरबकीधाकजमानेकोवहकड़ीतपस्याकररहेहैं।