अलीगढ़ पंचायत चुनाव 2021 : दादा बोले...प्रचार करो-ना

अलीगढ़,जेएनएन।राजनीतिकाचस्काभीगजबकाहोताहै।जबराजनीतिसिरपरसवारहोजातीहैतोनेताजीलोगआंधी-तूफानकीतरहभागतेहैं,नदिनदेखेंनरात।बसनेताजी24घंटेव्यस्तहीरहतेहैं।चुनावकेसमयतोव्यस्तताऔरबढ़जातीहै।उससमयतोछींकनेतककीफुर्सतनहींहोतीहै।नेताजीसेकहोकुछऔरसुनतेकुछऔरहैं।अभीहालमेंकुछऐसाहीहुआ।प्रत्याशियोंकानामांकनचलरहाथा।एकगार्डनमेंनेताजीएकत्रहोगए।बोलनेलगेकिकोरोनाकेनियमकापूरापालनकियाजारहाहै,मगरतभीफोटोक्लिककरनेकीबारीआईतोनेताजीलोगसिकुड़आए।एक-दूसरेसेसटेहुएथे।एकवयोवृद्धनेताजीनेदेसीभाषामेंइशाराकियाकरोना(कोरोना)यहसुन,फोटाेखिंचवानेवालेसभीसहमगए।मौकेकोदेखकरबड़ेनेताजीनेकहा,कुछनहींभाई।येदादा(वयोवृद्ध)कहरहेहैंकिनामांकनहोगयाहै,अबप्रचारकरो-ना।

अबअच्छेसेलौटाएंगे‘गुना’

बातोंकोयदिपेटमेंरखनाहोतोगांवकेलोगोंसेअच्छाकोईनहींरखसकता।वर्षोंकीबातवोपेटमेंदबाएरखतेहैं,समयआनेपरउसेसूदसमेतवापसकरनेसेभीनहींचूकतेहैं।प्रधानीकेचुनावमेंकुछऐसाहीहोरहाहै।गांवमेंखेत-मेड़परलड़ाई,दबंगईऔररुतबादिखानेवालोंकोयहनहींपतारहताकिपांचसालबादचुनावआएगाऔरमैदानमेंउन्हेंतालठोकनापड़सकताहै?ऐसेलोगोंकागांवकेलोगपांचसालसेइंतजारकरतेहैं,इसबारभीऐसाहीहुआहै।कईगांवोंमेंदबंगईऔररुतबादिखानेवालेमैदानमेंहैं।प्रधानजीबननेकेलिएवहगांवोंमेंहाथजोड़तेफिररहेहैं।काकी,अम्माकेपांवतोछूरहेहैं,माहौलबनानेकेलिएअपनेसेछोटोंकाभीपांवछूकरआशीर्वादलेनानहींभूलतेहैं।मगर,गांवकेलोगऐसेप्रत्याशियोंकेचेहादेखभांपजारहेहैं।चौपालोंमेंतोचर्चाहोरहीहै?किअब‘गुना’(सूदसमेत)लौटानेकावक्तआगयाहै।

हेधरतीकेभगवान...

कोरोनाकेकहरनेएकबारफिरसभीकोदशहतमेंडालदियाहै।हरतरफहाहाकारमचाहुआहै।अस्पतालोंमेंमरीजभटकरहेहैं।सीजनकीहल्कीसीखांसी-जुकामभीहोजाताहैतोहरकिसीकोकोरोनाकेलक्षणनजरआनेलगतेहैं।बेचैनीहोनेलगतीहै।हालातजिसप्रकारसेहैं,ऐसेमेंयहलाजिमीहै।मगर,ऐसेसमयमेंधैर्यरखनेकीजरूरतहैऔरधरतीकेभगवानकीसबसेबड़ीजिम्मेदारीहै।मरीजोंकोइलाजकेसाथहीतसल्लीदेनेकीजरूरतहै।उन्हेंयदिडाक्टरअच्छीतरहसेबातकरलेंगेतोआधीबीमारीवैसेहीदूरहोजाएगी।सीजनमेंतमामतरहकीबीमारियांभीहोतीहैं,पिछलेवर्षोंकोयादकियाजाएतोगांव-गांवबुखारकाप्रकोपफैलारहताथा।अस्पतालोंमेंबेड़नहींहोतेथे,पेड़ोंपरबोतलेटांगकरड्रिपचढ़ाईजातीथीं।इसलिएधरतीकेभगवानमरीजोंकोसंभालिए,मरीजोंकीबातकोअच्छेसेसुनेआधीबीमारीऐसेहीदूरहोजाएगी।

कुछसबकहमभूलजातेहैं।दर्दकमहोतेहीबेपरवाहऔरबेपनाहहोजातेहैं।ऐसालगताहीनहींकिदोबाराभीमारपड़सकतीहै।अभीएकसालहीबीताहै,मगरसारीयादोंकोभूलबैठेहैं।थोड़ायादकरिए।इन्हींदिनोंमेंहाईवेपरप्रवासियोंकाअथाहसैलाबउमड़पड़ाथा।बदहवास,भूखे-प्यासेसबभटकरहेथे।तपतीदुपहरमेंरास्तोंमेंकितनोंकीसांसेथमगईथी।शादी-ब्याह,तीज-त्योहारसबकुछथमगयाथा।बससभीप्रार्थनाकररहेथेकिप्रभुकैसेभीजीवनकीरक्षाकरो,अबजीवनशैलीमेंसुधारकरेंगे।जीवनमेंउदारतालगाएंगे,दीन-दुखियोंकीसेवाकरें।शादी-ब्याहमेंदिखावानहींकरेंगे।पड़ोसीकेघररोटीपकरहीहैकिनहीं,उसकीभीचिंताकरेंगे,मगरएकबारजरायादकरिए,उनवायदोंका...जोखुदसेकियाथा।उसपरकितनेखरेउतररहेहैं।