अलीगढ़ में भी 'पीरियड एंड ऑफ सेंटेंस' जैसी कहानी

अलीगढ़(जेएनएन)।हापुड़केगांवकाठीखेड़ामेंनारीस्वास्थ्यजागरूकतापरकामकररहीसबलामहिलाउद्योगसमितिपरफिल्माईगईफिल्म'पीरियडएंडऑफसेंटेंस'कोऑस्करपुरस्कारमिलाहै।यहांभीबिल्कुलइससेमिलती-जुलतीकहानीहै।जवांकेमंजूरगढ़ीमेंपंचायतउद्योगकेतहतसेनेटरीपैडफैक्ट्रीसंचालितहै,जिसमेंआसपासकीपांचमहिलाएंपैडतैयारकरतीहैं।गांवोंकीमहिलाओंकोपैडइस्तेमालकेप्रतिजागरूकभीकरतीहैं।पंचायतराजविभागहरमहिलाको3500रुपयेप्रतिमहीनेवेतनदेताहै।

कईसालपहलेमहोबामेंडीएमरहींकाजलसिंहनेपंचायतराजविभागकीओरसेसेनेटरीपैडउत्पादनकीशुरुआतकराईथी।यहांभी2015मेंमंजूरगढ़ीमेंपंचायतउद्योगबनाकरफैक्ट्रीकोखोलीगई।इसमेंजलालपुरकीतीनवमंजूरगढ़ीकीदोमहिलाओंकोजोड़ागया।इन्हेंपैडबनानेकाप्रशिक्षणदियागया।अबयेमहिलाएंरोजएकहजारसेअधिकपैडतैयारकरतीहैैं।तैयारपैडस्कूल-कॉलेजवअस्पतालोंमेंभेजेजातेहैैं।ग्रामपंचायतसचिवदेशराजगिरिदेखरेखकरतेहैं।कच्चासामानलातेहैं।तैयारपैड्सकीसप्लाईकरातेहैं।

फिल्ममेंहैयहदृश्य

यहहै'पीरियडएंडऑफसेंटेंस'में

पीरियडएंडऑफसेंटेंसफिल्मदिखायागयाहैकिहापुड़केगांवकाठीखेड़ामेंएकलड़कीसहेलियोंसंगमिलकरसबलामहिलाउद्योगसमितिबनातीहै,जिसकेजरियेसेनेटरीपैडतैयारकरातीहैं।महिलाओंकोजागरूककरतीहैैं।फिल्ममेंपीरियडकेबारेमेंभीदिखायागयाहै।

पैडसबेचनेमेंआतीहैदिक्कत

समाजसेवीओमवतीकाकहनाहैकिशुरुआतमेंथोड़ीशर्ममहसूसहोतीथी,अबइसकाममेंकोईदिक्कतनहींहै।परिवारभीसहयोगकरताहै।रूबीकाकहनाहैकिहमारीजैसीसंस्थाकोअवार्डमिलाहैतोगर्वकीबातहै।अन्ययुवतियोंकोजोडऩेकीभीकोशिशकरतीहूं।ग्रामपंचायतसचिवदेशराजगिरिकाकहनाहैकिफैक्ट्रीमेंमहिलाएंमेहनतसेकामकरतीहैं।पैड्सकोबेचनेमेंदिक्कतहोतीहै।स्वास्थ्यविभागकोसहयोगकरनाचाहिए।

किशोरियोंकोकियाजागरूक

स्वर्णजयंतीनगरकीकनकरेजीडेंसीनिवासीरश्मिसिंहचारसालसेकिशोरीवछात्राओंकोसेनेटरीपैडकेबारेमेंजागरूककररहीहैं।अशोकश्यामाचैरिटेबिलट्रस्टकीकोऑर्डिनेटररश्मिसिंहगल्र्सकॉलेजोंमें200सेभीअधिकसेमिनारकरचुकीहैं।अलीगढ़,गाजियाबाद,दिल्ली,कानपुर,झांसी,कानपुरआदिमेंउन्होंनेकिशोरियोंकोजागरूककियाहै।रश्मिसिंहकेसहयोगसेशहरमेंरेलवेस्टेशन,डीएसकॉलेजसमेतआधादर्जनस्थानोंपरसेनेटरीपैडवेंडिंगमशीनभीलगवाईगईहै।रेलवेस्टेशनपरपांचरुपयेकासिक्काडालनेपरपैडमिलताहै।अन्यस्थानोंपरफ्रीहै।रश्मिसिंहनेइसपरकिताबभीलिखीहै।कनकरेजीडेंसीमेंसेनेटरीपैडबनवातीहैं।उनकाकहनाहैकिकिशोरियोंकोसेनेटरीपैडकीजानकारीदेनाजरूरीहै।