अलीगढ़ के हरदुआगंज की टिक्की का स्वाद लाजवाब, 47 साल में बनाई अलग पहचान

अलीगढ़,करनचौधरी।आपअलीगढ़आएंऔरयहांकीचाटऔरटिक्कीकास्वादनलें,तोयात्राअधूरीहीलगेगी।जिलेमेंचाटकेस्वादकेकईठिकानेहैं।आलूकीटिक्कीकेचटकारेलेनेकेलिएतोलोगशहरसेकरीब10किलोमीटरदूरकस्बाहदुआगंजतकजातेहैं।यहांकेगौरीशंकरशर्माकेहाथोंकीबनीटिक्कीकास्वादलाजवाबहै।इससेपरिचितअन्यजिलोंकेलोगजबभीआतेहैंतोटिक्कीखाएबिनानहींरहते।

आलूकीटिक्कीबनानेकाहुनरगौरीशंकरकोविरासतमेंमिला।वे47सालसेइसटिक्कीकीदुकानसंभालरहेहैं।इनकेपिताहजारीलालने1975मेंसिरपररखकरटिक्कीकोगलीगलीबेचनाशुरूकिया।कुछसालबादठेलीलगानाशुरूकियाथा।इन्होंनेसौंठवचटनीकाजोफार्मूलाअपनायाहै,उसकाआजतककोईतोड़नहींहै।दहीसौंठ,खट्टीचटनी,मटरकीचाहतइसकेस्वादकोऔरलाजवाबबनातीहै।इसकेचलतेस्वादकेदीवानोंकीसंख्याबढ़तीगई।वर्ष1980मेंइन्होंनेकस्बेमेंदुकानखोलदी,जोअबकाफीप्रसिद्धीपाचुकीहै।गौरीशंकरकेबेटाविवेकशर्मा,ललितशर्मा,लोकेशशर्माभीदुकानपरपिताकासहयोगकरतेहैं।1980मेंयहटिक्कीदोरुपयेकीथी।अबयह25रुपयेकीहै।

यहहैटिक्‍कीबनानेकातरीका

गुड़-चीनीवसूखीमेवासेसौंठतैयारकीजातीहै।मटरवचनाकोउबालकरछोलेतैयारकिएजातेहैं।आलूकोउबालनेकेबादउसेपीसाजाताहै।आलूकीपिटटीकोवनस्पतिघीमेंतलाजाताहै।हरीचटनीमेंटमाटरवहरधनियावहरीमिर्चकाटकरमिलाईजातीहै।बारीककटीप्याजवटमाटरसेटिक्कीकोसजायाजाताहै।खानेकेशौकीनोंकेहिसाबसेदहीभीडालाजाताहै।टिक्कीकास्वादलाजवाबहै।हमारेयहांजबबाहरसेकारोबारीबाहरसेआतेहैंतोहमउन्हेंगौरीशंकरकेहाथकीबनीटिक्कीजरूरखिलातेहैं।

विकासमित्तल,तालाकारोबारी,अलीगढ़

टिक्कीतोअलीगढ़मेंकईजगहमिलतीहै,लेकिनलाजवाबस्वादकेकुछहीठिकानेहैं।हरदुआगंजकीदुकानइन्हींमेंएकहै।इसकीसौंटऔरमसालोंकामिश्रणगजबकाहै।

राजउपाध्याय,ग्राहक,तालानगरी