अकाल मृत्यु से बचने को धनतेरस पर होती यमदेव की पूजा

कौशांबी।धार्मिकवऐतिहासिक²ष्टिधनतेरसकाविशेषमहत्वहै।अकालमृत्युसेबचनेकेलिएलोगइसदिनयमराजदेवताकीपूजाकरतेहैं।साथहीरातकेसमयदीपदानभीकियाजाताहै।धनतेरसवदीपावलीकोलेकरलोगअपनेघरोंकीसफाईवसजावटभीशुरूकरदियाहै।

दीपावलीपर्वपांचदिवसीयत्योहारहै।इसकीशुरुआतधनतेरससेहोतीहै।इसबारमंगलवारकोधनतेरसहै।इसकेलेकरतैयारियांशुरूहोगईहैं।लोगअपनेघरोंकीपुताईकरउसेस्वच्छबनारहेहैं।इसदिनपुरानेबर्तनोंकोबदलनावनएबर्तनखरीदनाशुभमानागयाहै।स्नानकरकेप्रदोषकालमेंघाट,गौशाला,कुआं,बावली,मंदिरआदिस्थानोंपरतीनदिनतकदीपकजलानाचाहिए।पंड़ितशिवअभिलाषशुक्लनेबतायाकिपूरेवर्षमेंएकमात्रदिनधनतेरसहै।इसपूजनकरनेनेयमदेवकाफीखुशहोजातेहैं।इसदिनपूजावरातकेसमययमदेवताकोदीपदानकरनेवालेव्यक्तिकीअकालमृत्युनहींहोतीहै।कहाकिशामकेसमयआटेकापांचदीपकबनाकरउसमेंतेलभरकरजलाएं।इसकेबादविधिपूर्वकपूजनकरनेसेअकालमृत्युनहींनहींहोतीहै।