अब पालने में नहीं नाले व झाड़ियों में मिलते हैं नवजात

जागरणसंवाददाता,इटावा:कहतेहैंमांममताकीप्रतिमूर्तिहोतीहै।मांअपनेबच्चोंकीजीवनरक्षाकेलिएकिसीभीहदतकजासकतीहै,परइससेइतरजिलेमेंआएदिनलोकलाजकेडरसेस्वजननवजातोंकोझाड़ियोंमेंफेंकजातेहैं।अगरसमयपरउननवजातोंपरकिसीकीनजरपड़जातीहैतोउनकीजानबचजातीहैऔरजिनपरनजरनहींपड़तीहैवहदमतोड़देतेहैं।जिलेमेंहरमाहकहींनकहींझाड़ियोंऔरनालोंमेंनवजातमिलरहेहैं।

चाइल्डलाइनऔरमहिलाअस्पतालसमेत8सीएचसीमेंपालनेलगेहुएहैं।जहांपरनवजातकोनअपनानेवालेउन्हेंछोड़करजासकतेहैं,लेकिननवजातकेस्वजनऐसानहींकरतेहैंऔरउन्हेंफेंकनेकाजुर्मकररहेहैं।महिलाअस्पतालऔरचाइल्डलाइनसमेतजितनीजगहभीजिलेमेंपालनेलगेहुएहैंउनमेंआजतकएकभीनवजातनहींमिला।अगरइनपालनोंमेंस्वजननवजातकोछोड़करचलेजाएंतोउन्हेंजन्मदेनेवालीमांकाआंचलनसहीकमसेकमपालनपोषणकरनेवालीमांजरूरमिलजाए।

बतायागयाहैकिजोनवजातअवैधसंतानकेरूपमेंगर्भमेंपलतेहैंउनकीदेखरेखकेलिएहीपालनायोजनाशुरुकीगईथी।ताकिलोगलोकलाजसेबचनेकेलिएअपनीसंतानकोपालनामेंछोड़जाएं,ताकिसरकारीतौरपरउनकीपरवरिशहोसकेतथामौकामिलनेपरनवजातकेमाता-पिताकिसीनकिसीबहानेसेबच्चेकोखुशहालदेखसकें।यहप्रक्रियापूरीतरहसेगोपनीयहोतीहै।बावजूदइसकेलोगोंनेवर्ष2019सेअभीतकएकभीनवजातकोपालनेमेंनहीछोड़ाहै।जबकिमाहजनवरीमेंजिलाअस्पतालकीमहिलाओटीकेपीछेएकनवजातमिलचुकाहैतथाइसीमहीनेमेंअस्पतालतिराहापरबनीझाड़ियोंमेंभीनवजातमृतहालतमेंमिलचुकाहै।

जिलाअस्पतालमेंशासनकीओरसेपालनायोजनाइसलिएशुरूकीगईथीताकिलोगनवजातकोनालीवझाड़ीमेंनफेंकेऔरचुपकेसेपालनामेंछोड़जाए,लेकिनअभीतकएकभीनवजातपालनामेंनहींआयाहै।

-डॉ.पीकेगुप्ता,पालनायोजनाप्रभारीजिलाअस्पताल