आवारा आतंक भारी, संसाधनों की कमी से दुश्वारी

गोंडा:आइएआपकोशहरकेआवासविकासकॉलोनीलेचलतेहैं।सरकुलररोडसेहोकरजैसेहीआपएलआइसीवालेमोड़सेआगेबढ़तेहैं।एकसाथकरीबचारकुत्तेटहलतेमिलगए।वहींपरठेलालगाएरामकुमारकाकहनाथाकिकुत्तोंकाखौफइसकदरहावीहै,जबतकयहयहांपररहतेहैंपैदलकोईनहींजाताहै।यहबाइकवालोंकोभीदौड़ालेतेहैं।आगेबढ़नेपरविकासविद्यामंदिरकेसामनेवालीगलीमेंदेवव्रत¨सहकेघरकेपासभीकुत्तोंकाझुंडदिखा।

शहरमेंहरगलीमेंकुत्तोंकाखौफहै।चाहेवहआवासविकासहोयाफिरबड़गांव,महारानीगंज।कुत्तोंकेकाटनेकेडरसेहरकोईसहमाहुआहै।स्थितियहहैकिजिसरास्तेपरआमलोगएकसाथचारकुत्तेबैठेदेखरहेहैं,वहउसरास्तेसेजानेसेकतरानेलगेहैं।कुत्तोंकेकाटनेके40मरीजसोमवारकोजिलाअस्पतालमेंएआरवीलगवानेपहुंचे।किसीकोदोदिनपहलेतोकिसीकोदसदिनपहलेकुत्तेनेकाटाथा।कुत्तोंकेशिकारसबसेज्यादाबच्चेहोरहेहैं।इनसबकेबीचकुत्तोंनेअबहिरनकोभीनिशानेपरलेलियाहै।जंगलसेपानीकीतलाशमेंनिकलनेवालेहिरनोंकोकुत्तेघायलकरदेरहेहैं।समयसेउपचारवदेखभालनहोनेकेकारणउसमेंसेकुछकीमौतहोजारहीहै।बावजूदइसकेजिम्मेदारबेखबरहै।नगरपालिकापरिषदकेईओस्वर्ण¨सहकाकहनाहैकिकुत्तोंकोपकड़नेकेलिएपालिकाकेपासकोईसंसाधननहींहै।बिनासंसाधनकेकुत्तोंकोकैसेपकड़ाजाय?यहएकबड़ासवालहै।