आश्रय स्थल में चारे का अभाव, 30 दिन में छह बेजुबानों ने तोड़ा दम

जागरणसंवाददाता,चकिया(चंदौली):नगरस्थितअस्थाईबेसहारापशुआश्रयस्थलकाहालबेहालहै।समुचितआहारकेअभावमेंबेजुबानदमतोड़रहेहैं।एकमाहकेभीतरआधादर्जनपशुओंकीमौतहोचुकीहै।इससेजिम्मेदारानबेखबरहैंऔरपशुभूख-प्याससेमररहेहैं।बेजुबानपशुओंकेसंरक्षणकोलेकरशासनगंभीरहै।आश्रयस्थलोंमेंपलरहेप्रतिपशुकेलिए30रुपयेप्रतिदिनआहारकेरूपमेंशासनद्वाराधनआवंटितकियाजाताहै।लेकिनआश्रयस्थलोंमेंरखेगएपशुओंकोसिर्फधानकाभूसादियाजारहाहै।हराचारा,खली,चूनीसमेतसमुचितआहारवप्रोटीनकेनामपरधानकाकन्नाभूसापरछिड़काजारहाहै।स्थानीयआश्रयस्थलमेंफिलहाल132बेजुबानहैं।इनकेलिएटिनशेडबनाकरतीनअलग-अलगचरनीबनाईगईहै।चरनीमेंमामूलीभूसाकेसाथहीधानकाकन्नाछिड़काजाताहै।इससेएनकेनप्रकारेणआश्रयस्थलमेंपहुंचेपशुजल्दहीबूढ़ेहोजारहेहैं।आरोपहैकिपशुओंकाचाराजिम्मेदारानडकाररहेहैं।एकमाहमेंआधादर्जनपशुओंकीमौतहोगई,कर्मचारियोंनेइन्हेंसमीपवर्तीजंगलमेंफेंकदिया।मरेहुएपशुओंकोगड्ढाखोदकरदफनानेकीजरूरतनहींसमझी।इससेजंगलकिनारेगांवमेंबसेलोगोंकोतमामबीमारीहोनेकाभयसतारहा।पशुचिकित्सकडाक्टरसुजीतकुमारसिंहकहतेहैंअमूमनप्रतिपशुएकदिनमें6से8किलोभूसाखातेहैं।पशुओंकोहराचारा,खली,चूनीआदिसमुचितआहारनदेनेसेइनकीभूखखत्महोजातीहै।बेजुबानोंकेशरीरकेमाइक्रोफ्रोरामरजातेहैं।इनकीपाचनशक्तिछीड़होजातीहै।इसकेचलतेपशुसंतुलितमात्रामेंचारानहींखापातेऔरविभिन्नबीमारियोंसेजकड़करकमउम्रमेंहीदमतोड़देतेहैं।अधिशासीअधिकारीमेहीलालगौतमनेकहाकिनगरपंचायतसेएकसंविदाकर्मीवठेकेदारीप्रथासेचारकर्मचारियोंकोलगायागयाहै।इनकीमानिटरिगनगरपंचायतकेकर्मीगुलाममौर्याकरतेहैं।आश्रयकेंद्रकेपशुओंकोसमुचितआहारनमिलनेकीजांचकीजाएगी।