आपका बच्चा स्कूल नहीं जाता तो आप चुनाव नहीं लड़ सकते: एनसीपीसीआर

नयीदिल्ली,24दिसंबर::बालअधिकारोंकेलिएशीर्षनिकायएनसीपीसीआरनेसभीराज्यसरकारोंसेयहअपीलकीहैकिवेस्थानीयनिकायऔरपंचायतीराजचुनावोंकेलिएउनउम्मीदवारोंकोअपात्रघोषितकरदेंजोअपनेबच्चोंकोस्कूलनहींभेजते।राष्ट्रीयबालअधिकारसंरक्षणआयोग:एनसीपीसीआर:द्वाराकीगईसिफारिशकेमुताबिक,किसीउम्मीदवारकोअपनेबच्चेकेस्कूलसेइसबाबतएकप्रमाणपत्रप्रस्तुतकरनाहोगाकिउसकाबच्चाअमुकस्कूलमेंपढ़ताहैऔरनियमिततौरपरउपस्थितरहताहै।यहकेवलउनउम्मीदवारोंकेलिएहैजिनकेबच्चे6-14वर्षकीआयुकेहैं।एनसीपीसीआरकेसदस्य:आरटीईएवंशिक्षा:प्रयांककानूनगोनेकहा,हमनेराज्यसरकारोंसेस्थानीयनिकायकेचुनावोंऔरपंचायतीराजसंस्थानोंकेचुनावोंकेलिएनिर्वाचनकेनियमोंमेंसंशोधनकरनेकीअपीलकीहैऔरकहाहैकिजोकोईभीचुनावलड़नाचाहताहै,उसेअपनेबच्चेकेस्कूलसेइसबाबतएकप्रमाणपत्रप्रस्तुतकरनाहोगाकिउसकाबच्चाअमुकस्कूलमेंपढ़नेजाताहैऔरनियमिततौरपरस्कूलमेंउपस्थितरहताहै।यदिव्यक्तियहकरनेमेंनाकामरहताहैतोवहचुनावलड़नेकेलिएपात्रनहींहोनाचाहिए।कानूनगोनेयहभीकहाकियहसुझावसंविधानके86वेंसंशोधनसेलियागयाहैजिसमेंअनुच्छेद21एडालागयाहैऔरशिक्षाकोमौलिकअधिकारबनायागयाहै।