आधुनिकता के दौर में बढ़ रहा उम्मींदों का बोझ, तनाव से टूट रही जिंदगी की डोर,जानिए कैसे Aligarh News

अलीगढ़,जेएनएन।आधुनिकताकेइसदौरमेंलोगतनावकीगिरफ्तमेंआकरअपनीजानगवांरहेहैं।खासकरलाकडाउनअवधिमेंजिलेमेंपिछलेतीनमहीनेमेंही86लोगखुदकुशीकरचुकेहैं।जिनमेंकिशोरउम्रसेलेकरयुवाव70सालकेबुजुर्गतकशामिलहैं।इनमेंयुवाओंकेखुदकुशीकरलेनेकीसबसेअधिकघटनाएंहोरहीहै।जोआनेवालीपीढ़ीकेलिएबेहदचिंताकाविषयहै।वेतनावऔरछोटी-छोटीबातोंपरभीखुदकुशीकरनेमेंपरहेजनहींकररहेहैं।युवाओंमेंसहनशक्तिकीकमीभीखुदकुशीकीएकबड़ीवजहमानीजारहीहै।पिछलेतीनवर्षोंकाहीपुलिसकाआंकड़ादेखेंतो372लोगविभिन्नकारणोंसेखुदकुशीकरचुकेहैं।

10जूनकोलाकडाउनमेंक्वार्सीकेचंदनियांइलाकेमेंरहनेवालेयुवकनेनौकरीछूटजानेवपत्नीकेमायकेमेंचलेजानेपरफंदेपरझूलकरखुदकुशीकरली।

13जूनकोसासनीगेटकेसरायहरनारायणमेंयुवकनेकामनमिलपानेपरघरमेंहीफंदेपरझूलकरखुदकुशीकरली।

घरेलूकलहवरोजगारकीचिंता

घरेलूकलह,रोजगारकीचिंतावतनावकोलोगसहनहींपारहेहैंऔरसंघर्षकीबजाएखुदकुशीजैसीकमजोरस्थितिकोचुनरहेहैं।यहीकारणहैकिबीतेतीनमाहमेंहीआत्महत्याके86मामलेसामनेआएहैं।इनमेंसेअधिकतरयुवाओंसेजुड़ेमामलेडिप्रेशनकोलेकरथे।जिनमेंसर्वाधिकमामलेफांसीवविषाक्तपदार्थसेवनकेशामिलहैं।हालांकिखुदकुशीकरनेवालोंमेंमहिलाओंकीसंख्याकहींअधिकहै।जिलेमेंतीनसालमेंखुदकुशीके372मामलेसामनेआचुकेहैं।

देशमेंखुदकुशीकेबढ़रहेमामलेबेहदचिंताजनकहैं।इसकेपीछेसबसेबड़ाकारणडिप्रेशनहै।ऐसाकरनेवालेलोगहमेशाक्लूदेनेलगजातेहैं,बसजरूरतउन्हेंभांपनेकीहै।जबभीऐसामहसूसहोतोउसेसीधेसलाहनदें,पहलेउससेबातकरेंफिरउसेआशावादीबनातेहुएसलाहदेंकिजिंदगीबेहदकीमतीहै।

-डा.अंतरागुप्ता,मनोचिकित्सक