80 लाख खर्च, फिर भी सांड़ों को नहीं मिला ठिकाना

बहराइच:शहरसेगांवतकसांड़ोंकाआतंकहै।यहकहींपरफसलोंकोनुकसानपहुंचारहेहैतोकहींजानलेवाहमलाकरलोगोंकीजानलेरहेहैं।सड़कोंपरभीइनकाअपनासाम्राज्यहै।कहींहाईवेपरबैठेनजरआतेहैंतोकहींसड़कोंकेकिनारेघूमतेहुए।मौकामिलतेहीराहगीरोंपरहमलाभीकरदेतेहैं।जिलाप्रशासनइनपरकाबूपानेवदेखभालकेलिएअबतक80लाखरूपयेभीखर्चकरचुकाहै।इसकेबादभीसांड़सड़कोंपरघूमरहेहैं।

शहरमेंसार्वजनिकस्थानोंसेलेकरमुहल्लोंकेगलियोंतकसांड़केझुंडघूमरहेहैं।कईबारआपसमेंलड़ते-लड़तेबीचसड़कपरआजातेहैं।इसदौरानसड़कसेगुजररहेराहगीरोंमेंभगदड़मचजातीहै।कभी-कभीतोजानपरभीबनआतीहै।गांवमेंभीइनकाआतंकफैलाहुआहै।यहजिसखेतमेंघुसतेहै।वहांकीफसलचौपटकरडालतेहैं।शहरनिवासीमंसूरसिद्दीकीवसौरभगुप्ताबतातेहैंकिसुबहजबघरसेबाहरसड़कपरनिकलतेहैंतोसड़कोंपरइनकाहीकब्जारहताहै।अगरइनपररोकनहींलगाईगईतोयहहादसेकासबबबनतेरहेंगे।शाकिबखानवप्रिससोनीकहतेहैकिशहरमेंइनकाइतनाआतंकहैकिकबऔरकहांयहअचानकआजाएंऔरहमलाबोलदें,कुछकहानहींजासकता।इनसेटजिलेमेंबेसहारामवेशियोंकोपकड़नेकाअभियानचलायाजारहाहै।पकड़ेगएमवेशियोंकोगोआश्रयभेजाजारहाहै।इनकेदेखभालकेलिएशासनसेएककरोड़10लाखरूपयेबजटआयाहै।इनमेंसेसभीतहसीलोंमें80लाखरूपयेआवंटितकरदिएगएहैं।डॉ.बलवंतसिंह,सीवीओआंकड़ोंपरएकनजरजिलेमेंबेसहारापशुओंकीसंख्या-8,500पकड़ेगएबेसहारापशु-3047अबतकजाचुकीजानें-लगभगपांचघायलोंकीसंख्या-तीनदर्जनसेअधिक

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