25 साल से पगडंडियों के सहारे आवागमन को विवश है लोग

सीतामढ़ी।ढेंगरेलवेस्टेशनकोहरपुरकलागांववमेजरगंजकेबसबीट्टीबाजारकोजोड़नेवालीसड़कपरपुलनिर्माणकीमांगवर्षोंसेइलाकेकेलोगकररहेहैं।हरचुनावमेंयहमांगइलाकेमेंज्वार-भाटाकीतरहउठतीतोजरूरहैलेकिनचुनावखत्महोनेकेबादफिरशांतहोजाताहैऔरलोगोंकीजिदगीफिरसेपुरानेढर्रेपरचलनेलगतीहै।यहीइसइलाकेकेलोगोंकीनियतिहै।सांसदहोयाविधायककिसीद्वाराइसदिशामेंकोईठोसपहलनहींकीगई।नतीजाआजभीखेतनुमारास्तेसेसफरतयकरतेहैं,लेकिनबाढ़-बरसातमेंआवागमनठपहोजाताहै।इलाकेलोगोंकीइसमजबूरीकीओरसेकिसीजनप्रतिनिधिनेध्यानदेनागवारानहींसमझा।वर्ष1993कीबाढ़मेंटूटीथीसड़कवबांधवर्ष1993मेंआयीप्रलयंकारीबाढ़मेंबसबीट्टाबाजारसेदक्षिणहरपुरकलागांवकेबीचसड़कवबांधटूटगयाथा।इसस्थलपरकरीब50फीटतककाक्षेत्रगड्ढामेंतब्दीलहोगया।उसकेबादकरीब25वर्षसेआसपासकेलोगअगल-बगलकेखेतऔरपगडंडीहोकरआवागमनकरनेकोविवशहैं।लेकिनबाढ़-बरसातकेसमययहरास्ताभीपूरीतरहठपहोजाताहै।ढेंगसेबसबीट्टातकचारजगहोंपरबांधटूटाहुआहै।स्थितितबऔरविकटहोजाताहैजबकोईबीमारपड़जाताहै।बाढ़-बरसातकेसमयचारोंओरपानीभरजाताहै।लोगोंकाआवागमनबंदहोजातीहै।बसबिट्टाबाजारनेपालसीमासेसटाहुआहै।बसबिट्टाबाजारपरप्रसिद्धसुकेश्वरनाथमहादेवमंदिरहै।जहांइलाकेकेलोगोंकेअलावाबड़ीसंख्यामेंनेपालकेश्रद्धालुभीआतेहैं।लेकिनरास्तानहींरहनेसेलोगोंकोभारीपरेशानीझेलनीपड़तीहै।इलाकेकेलोगोंढेंगरेलवेस्टेशनपरट्रेनपकड़नेजानापड़ताहै।लेकिनदुर्गमरास्ताहोनेकेकारणउन्हेंकाफीपरेशानीझेलनीपड़तीहै।सड़कसुविधानहींरहनेसेक्षेत्रकाफीपिछड़ाहै।लोगखेतीऔरमजदूरीपरनिर्भरहैं।रोजीरोटीकेलिएलोगपंजाब,दिल्ली,मुंबई,कोलकाताआदिदूसरेप्रदेशजानेकोविवशहैं।2014मेंपुलनिर्माणकाकियागयाथाशिलान्यासरतनपुर,हरपुरकलासेबसबीट्टापथमें17जनवरी2014कोतत्कालीनसांसदअर्जुनरायद्वाराउच्चस्तरीयआरसीसीपुलकाशिलान्यासकियागयाथा।जिसकीप्राक्कलितराशिदसलाख58सौ54रुपयेकीथी।लेकिन2014केलोसचुनावमेंतत्कालीनसांसदअर्जुनरायचुनावहारगएऔररामकुमारशर्मासांसदचुनेगए।इसकेबादकेंद्रवराज्यमेंएनडीएसरकाररही।बावजूदबसबीट्टासेहरपुरकलारतनपुरसड़कपरपुलनहींबनसका।इसजगहपरशिलान्यासकाशिलापट्टआजभीजनप्रतिनिधियोंकीउदासीनताकोउजागरकररहाहै।इसबारकेलोकसभाचुनावमेंइसपुलकेनिर्माणकीमांगएकबारफिरयक्षप्रश्नबनकरखड़ाहै।इसचुनावमेंइसइलाकेकेलोगोंकेलिएयहमुद्दाबनेगायानहीं,कहानहींजासकताहै।