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नई दल्ली अब जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने वाले हैं, देश के सबसे वांछित अपराधी अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम ने अपना ठिकाना बदल लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, दाऊद इब्राहिम पाक-अफगानिस्तान सीमा पर तालिबान के नियंत्रण वाले इलाके में चला गया है। पहले उसका ठिकाना कराची में था। अपने चुनाव अभियान के दौरान मोदी ने एक गुजराती चैनल से इंटरव्यू के दौरान दाऊद को भारत लाने के लिए कोशिश करने के संकेत दिए थे। अब मोदी सत्ता की दहलीज पर हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि खुफिया एजेंसियां दाऊद को घेरने की रणनीति बना सकती हैं। अंग्रेजी अखबार डीएनए की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की तर्ज पर किसी कमांडो कार्रवाई की आशंका से दाऊद सुदूरवर्ती इलाके में छिप गया है और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने उसकी सुरक्षा बढ़ा दी है। एक इंटेलिजेंस अधिकारी ने बताया कि मोदी के सत्ता में आने के साथ ही वह गंभीर रूप से डर गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि मोदी इस काम के लिए वह इंटेलिजेंस ब्यूरो के पूर्व प्रमुख अजीत डोभाल की सहायता ले सकते हैं। डोभाल इस तरह की ऑपरेशनल क्षमता के लिए जाने जाते हैं। पूर्व गृह सचिव और अब बिहार के आरा से बीजेपी सांसद आर. के. सिंह भी इस मामले में सरकार की मदद कर सकते हैं। आर. के. सिंह को दाऊद प्रकरण के घटनाक्रम की जानकारी है। पूर्व आईपीएस अधिकारी वाईसी पवार, जिन्होंने 1993 में मुंबई में हुए धमाकों की जांच के सिलसिले में पहली सफलता हासिल की थी, का भी मानना है कि दाऊद का भारत लाया जा सकता है। उन्होंने हाल ही में इस अखबार से कहा था कि मोदी मजबूत इच्छाशक्ति वाले नेता हैं और ऐसा करने में सक्षम हैं। भारत में मोदी सरकार बनने के साथ ही दाऊद को लाए जाने की उम्मीद की जा रही है, तो दूसरी तरफ अंडरवर्ल्ड डॉन के सबसे करीबी छोटा शकील ने हाल में कहा था कि दाऊद कोई हलवा नहीं है कि उसको कोई भी उठा के ले जाए। दाऊद के खिलाफ कोई भी ऐक्शन लेने से पहले नई सरकार इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को उसकी सेंट्रल मुंबई की 12 संपत्तियों को नीलाम करने का आदेश दे सकती है। इससे पहले इन संपत्तियों को नीलाम करने की दो कोशिशें विफल हो चुकी हैं।