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ये पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसी ऐसे मुद्दे पर चुप्पी साधी हो. इससे पहले भी बीजेपी नेताओं के नाम महिलाओं के ख़िलाफ़ हुए अपराधों के आरोपों में फंस चुके हैं और उस वक़्त भी प्रधानमंत्री मोदी के बयानों का देश ने सिर्फ़ इंतज़ार किया है.