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राकेश मद्देशिया का पुत्र अमन नगर के ही एक विद्यालय में कक्षा सात का छात्र था। प्रतिदिन की तरह 30 अक्टूबर को भी वह विद्यालय से घर लौटा और बाजार में गोलगप्पा खाने की बात बताकर घर से निकला, लेकिन घर नहीं लौटा। पूरी रात खोजबीन के बाद एक नवंबर को पुलिस को सूचना दी गई थी। पुलिस मामले में गुमशुदगी दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई। अभी पुलिस की जांच चल ही रही थी कि इसी बीच पांच नवंबर की शाम को उसका शव नगर के करीब ही निचलौल रेंज के सदर बीट से बरामद हुआ। हाथ-पैर दोनों बंधे हुए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गले पर कटे व चोट के निशान पाए गए थे। कटे स्थान पर सेलोटेप भी चिपकाया हुआ मिला था। पुलिस का मानना है कि हत्या कहीं और कर शव को जंगल में छिपाने की कोशिश की गई होगी। मौके से अमन का चप्पल और मोबाइल नहीं बरामद हुआ था। शव मिलने के बाद निचलौल पुलिस ने गुमशुदगी के मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ाकर जांच और तेज कर दी थी, लेकिन 17 दिन बाद भी पुलिस को कोई अहम सुराग नहीं मिल सके हैं।