सेफ्ट टैंक कहँ हन चहए

सूत्र ने बताया कि NIA टीम मुंबई एनसीबी के जोनल ऑफिस में आई थी और यहां उसने करीब दो घंटे बिताए. मुंबई के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े के नेतृत्व ड्रग्स केस में छापेमारी की गई थी. लेकिन मामले की जांच पर खुद वानखेड़े को कई आरोपों का सामना करना पड़ रहा है. केस का एक गवाह प्रभाकर सेल ने वानखेड़े पर इस मामले से दूर करने के लिए 25 करोड़ रुपए देने का आरोप लगाया है. इसके बाद वह खुद अंडरग्राउंड हो गया है. सूत्र ने बताया कि एनआईए को जांच सौंपे जाने का नॉटिफिकेशन भी जल्द जारी हो सकता है.