एक्स एक्स व्हडओ हंद

वर्ष 2022 के चुनाव को देखते हुए अभी से ही विभिन्न दलों ने बूथ स्तर तक अपनी पकड़ मजबूत करने के साथ सक्रिय कार्यकर्ताओं व साथियों को जोड़ने की कवायद शुरू कर दी है। भाजपा जिलाध्यक्ष के हुए चुनाव में इस बार पार्टी की कमान पीयूष मिश्र के बजाए सूर्य नारायण तिवारी को दी गई है। अब इनके सामने पूर्व की स्थिति को बनाए रखने के साथ-साथ संगठन को और मजबूत और सक्रिय बनाने की जिम्मेदारी है। इसी तरह लोकसभा व विधान सभा चुनाव में शिकस्त खा चुकी समाजवादी पार्टी ने भी जिलाध्यक्ष के पद पर बदलाव किया है। एमएलसी महफूज खां को सपा जिलाध्यक्ष पद से हटाकर इसकी जिम्मेदारी आनंद स्वरूप उर्फ पप्पू यादव को दी गई है। माना जा रहा है कि जातीय समीकरण के साथ-साथ उनकी कर्मठता व कई वर्षों से पार्टी के प्रति लगाव व संघर्ष के मद्देनजर उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है। अब पप्पू यादव पर 2022 के चुनाव के मद्देनजर संगठन को सक्रिय और मजबूत करने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों में संघर्ष करने की प्रेरणा भरनी होगी। वहीं कांग्रेस ऐसे जिलाध्यक्ष को तलाश रही है जो जिले में पार्टी की अलख जगा सके। साथ ही बूथ स्तर तक संगठन को तैयार करे और आने वाले चुनाव में उसकी धमक दिखाई दे। करीब एक साल पहले ही बसपा ने हरिश्चंद्र गौतम की जगह तिलकराम भारती को जिलाध्यक्ष बनाया है। अब इन जिलाध्यक्षों पर वर्ष 2020 में पार्टी को और अधिक बीस करने जिम्मेदारी है।