थई अमरूद क खेत

[ क्षमा शर्मा ]: हाल में खबर आई कि उत्तर प्रदेश में बारिश से पहले सूख चुकी नदियों को जीवित किया जाएगा। सई, पांडु, मंदाकिनी, वरुणा, सोन, काली, ईशान, बूढ़ी गंगा समेत 19 नदियों में मनरेगा के तहत मजदूरों को काम दिया जाएगा। इससे शहरों से लौटे मजदूरों को काम भी मिलेगा और नदियों के जीवित होने से इलाके में पानी की कमी भी पूरी होगी। इन नदियों को साफ कर पानी को इकट्ठा करने के लिए बांध भी बनाने की योजना है। ये नदियां अगर जीवित हो उठीं तो पानी की कमी के कारण लोगों को जो मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं वे तो दूर होंगी ही, फसलों, पेड़, पौधों, पशुओं, पक्षियों सबका भला होगा। अगर यह योजना सफल हुई तो क्या पता कि अन्य नदियों को जीवन देने की भी मुहिम पूरे देश में चल पड़े। इससे बेहतर और कुछ नहीं कि बारिश का जो पानी यूं ही व्यर्थ हो जाता है, वह देश भर की नदियों में जमा हो और साल भर काम आए।