शरर में झुनझुन हन

अखिलेश यादव की सरकार के कार्यकाल में लखनऊ में गोमती नदी के तट पर बने रिवर फ्रंट को समाजवादी पार्टी का ड्रीम प्रोजेक्ट बताया गया था। कुछ सौ करोड़ का यह प्रोजेक्ट कई हजार करोड़ खर्च होने के बाद भी पूरा नहीं हो सका। भाजपा की सरकार आने के बाद इसकी प्रारंभिक जांच के बाद केस सीबीआइ के हवाले कर दिया गया। सीबीआइ ने भी बीते वर्ष नवंबर तक जांच पूरी कर ली थी। अब वह इस घोटाले के बड़े जिम्मेदारों पर अपना शिकंजा कस रही है। सीबीआइ ने शुक्रवार को सिंचाई विभाग के पूर्व चीफ इंजीनियर रूप सिंह यादव को रिवर फ्रंट घोटाले में गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही अब सत्ता के करीबी रहे दो बड़े आईएएस अफसर भी घेरे में हैं।