revised recruitment rules for post postman

मधेपुरा। सीएम की जल, जीवन, हरियाली यात्रा ने बाबा भोले की नगरी में एक पर्यटन क्षेत्र की संभावनाओं का द्वार खोल दिया है। बेकार और महत्वहीन श्मशान घाट के रूप में उपयोग आने वाले जगह को जब सीएम के कार्यक्रम के लिए सजाया संवारा गया तो यहां पर्यटन केंद्र बनने की संभावना बन गई है। अब जोर शोर से यहां पर्यटन क्षेत्र विकसित करने की मांग उठने लगी है। सीएम भी इस जगह को देखकर काफी खुश हुए। पोखर घूमने के दौरान सीएम ने कहा भी की पहले पता नहीं था कि सिंहेश्वर में इतनी अच्छी जगह है। सीएम के कार्यक्रम के बाद इसे पर्यटन क्षेत्र बनाने के लिए संभावनाओं की तलाश की बात भी हो रही है। रविवार को सीएम के कार्यक्रम के दौरान ही पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित किए जाने की लोगों को उम्मीद थी। यद्यपि सीएम द्वारा कार्यक्रम स्थल पर कोई घोषणा नहीं होने से लोगों में थोड़ी मायूसी जरूर हैं। लेकिन फिर भी स्थानीय लोग सीएम के आने के बाद लोग आशान्वित हैं। सीएम ने रविवार को जल जीवन हरियाली यात्रा के दौरान नदी को और गहरा करने एवं दोनों तरफ पौधारोपण किए जाने का निर्देश दिया है। ऐसा होने के बाद इस जगह की खूबसूरती और भी निखर जाएगी। बाबा नगरी की फैलेगी ख्याति सिंहेश्वर स्थान में सीएम के कार्यक्रम स्थल को पर्यटन क्षेत्र बनाए जाने से बाबा नगरी की ख्याति और दूर दूर तक फैलेगी। ऐसा होने से सालों भर बाबा के दर्शन को आने वाले वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी काफी वृद्धि होगी। वहीं यह जगह कोसी क्षेत्र का एक प्रमुख पर्यटन क्षेत्र व पिकनिक स्पॉट बन जाएगा। पर्यटन विभाग के जिम्मे हो यह जगह बाबा नगरी सिंहेश्वर स्थान को पर्यटन के मानचित्र पर लाने में कार्यक्रम स्थल कारगर साबित हो सकती है। इस जगह को अगर पर्यटन विभाग को सौंप दिया जाय तो जल्द ही यह क्षेत्र पर्यटन क्षेत्र के रुप में विकसित हो जाएगा। अब तक कोसी क्षेत्र पर्यटन के मानचित्र से छूटा हुआ है। बाबा नगरी को भी लंबे समय से पर्यटन क्षेत्र बनाये जाने की मांग उठती रही है। एक बार केंद्रीय टीम भी आकर इस जगह का अवलोकन कर जा चुकी है। इस बार सीएम के कार्यक्रम से जिस तरह यह जगह निखरा है। उससे अब पर्यटन क्षेत्र विकसित होने का रास्ता खुल गया है। कोट सिंहेश्वर में सीएम के कार्यक्रम स्थल पर पर्यटन की संभावना है। इसे देखते हुए पर्यटन क्षेत्र बनाने का प्रयास किया जाएगा। सीएम खुद इस जगह को देखकर अभिभूत हुए हैं। नदी को और गहरा करने एवं दोनों किनारे पर पौधरोपण करने का उन्होंने निर्देश भी दिया है। पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए इसके लिए सारे संभव प्रयास किये जाएंगे। -डॉ. रमेश ऋषिदेव, एससी-एसटी कल्याण मंत्री, बिहार