रबर जूते पुलस

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में दो स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ थी। एक चिकित्सक सितंबर में सेवानिवृत्त हो गई थी। दूसरी चिकित्सक कभी नसबंदी कैंप में ड्यूटी तो कभी अवकाश पर रहती। संविदा पर एक और चिकित्सक की नियुक्ति की गई। उम्मीद थी कि अब महिला मरीजों को दिक्कत नहीं होगी। दरअसल, सीएचसी में प्रतिदिन सौ से अधिक महिला मरीज पहुंचती हैं। रेलपार मोहल्ला निवासी पिकी ने बताया कि अक्सर चिकित्सक नहीं मिलती हैं और परेशान होकर लौटना पड़ता है। सुबह साढ़े आठ बजे वह सीएचसी आई गई थी, लेकिन साढ़े 11 बजे तक भी कोई चिकित्सक नहीं आई। उपचार के लिए पहुंची महिला प्रियंका ने कहा कि यहां पर इलाज शुरू कराना परेशानियों को गले लगाने जैसा है। दोनों चिकित्सकों के कक्ष के बाहर महिला मरीज इंतजार करती रही। घंटों परेशान होने के बाद बैरंग ही लौटना पड़ा। ये रोजाना की कहानी है।