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महंगाई की मार बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ी है। दो साल पहले जहां बच्चों की फीस, ट्रेस, किताबें सस्ते मूल्य पर मिलती थीं, वहीं अब इनकी कीमतों में 15 प्रतिशत का इजाफा हो गया है। यदि बच्चों की फीस की बात करें तो उच्च कक्षा के फीस में बढ़ोतरी हुई है। वहीं ड्रेस के काम में भी बढ़े हैं। कोरोना में 2020 में तो स्कूल खुले ही नहीं। डीजल के दाम में वृद्धि होने से बस किराया भी बढ़ा है। शहर के अंदर 400 से 900 तक शहर से दूर 1200 रूपया बस किराया लिया जा रहा है।