railway recruitment 2019 pdf file

मधेपुरा। कोसी क्षेत्र में दो सौ से भी अधिक वर्षो से प्रचलित लोकगाथा भगैत का गायन अब धीरे-धीरे गुम होता जा रहा है। इस क्षेत्र में लोग समय-समय पर खेदन महाराज, कारू खिरहर बाबा विशुराउत महाराज, लक्ष्मीनाथ गोसाईं, बेनी बाबा, अंदु बाबा, उदय बाबा, ज्योति बाबा, मीरा साहब, गोविद बाबा सहित अन्य साधकों के भक्तिगान का आयोजन अपने घरों में करते थे। इन साधक के अनुयायियों के द्वारा गाया जाने वाला भक्ति गायन पूरे कोसी-सीमांचल में लोकगाथा भगैत के रूप में काफी लोकप्रिय हुआ। 1970-80 के दशक के दौरान लोग लगभग प्रत्येक शाम को इस क्षेत्र में भक्तिगान करते थे।