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पटना, 19 अगस्त :: केन्द्रीय मंत्री उपेन्द्र कुश्वाहा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय लोक समता पार्टी :रालोसपा: से एक सांसद और एक विधायक को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते निलंबित किए जाने के बाद पार्टी विभाजन के कगार पर खड़ी है। रालोसपा केन्द्र में सत्तासीन राजग का घटक दल है। रालोसपा के प्रधान महासचिव शिवराज सिंह की ओर से जारी बयान के अनुसार, पार्टी की अनुशासन समिति के प्रमुख और सांसद राम कुमार शर्मा की सिफारिशों के आधार पर राष्ट्रीय परिषद् ने लोकसभा सदस्य अरूण कुमार और विधायक लल्लन पासवान को पार्टी-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने पर निलंबित करने का फैसला लिया है। भाजपा के सहयोगी दल के रूप में 2014 में लोकसभा चुनाव लड़ने वाली रालोसपा के पास बिहार में तीन लोकसभा सीटें हैं। पार्टी के तीनोंं सांसद हैं उपेन्द्र कुशवाहा :काराकट:, अरूण कुमार :जहानाबाद: और राम कुमार शर्मा :सीतामढ़ी:। बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा में पार्टी के दो विधायक हैं... लल्लन पासवान :चेनारी: और सुधांशु शेखर :हरलाखी:। बयान में कहा गया है कि पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव बिनोद कुशवाहा को भी निलंबित किया गया है। अपने निलंबन पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद अरूण कुमार ने आज पीटीआई से कहा, निलंबन अवैध है और इसकी कोई प्रासंगिकता नहीं है क्योंकि पार्टी की राष्ट्रीय समिति ने 17 अगस्त को ही उपेन्द्र कुशवाहा को पार्टी प्रमुख के पद से हटा दिया है। विधायक पासवान ने निलंबन की आलोचना करते हुए कहा कि यह अलोकतांत्रिक है और कुशवाहा के नेतृत्व वाले समूह के पास उनके खिलाफ कार्रवाई का कोई अधिकार नहीं है। कुमार और पासवान ने कहा कि दोनों जल्दी ही चुनाव आयोग से मिलकर उन्हें वास्तविक रालोसपा के रूप में मान्यता देने का अनुरोध करेंगे। दोनों ने कहा कि वे राजग के साथ रूकेंगे। अरूण कुमार ने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हमारे नेता हैं। हमने उनके नाम पर चुनाव लड़ा है, इसलिए उनके नेतृत्व में राजग के साथ काम करना जारी रखेंगे। पासवान भी पार्टी से दूरी बना रहे हैं, लेकिन दूसरे विधायक सुधांशु शेखर कुशवाहा के साथ बने रहेंगे।