नम क तेल बनने क वध

क्या लेकर आए थे, क्या लेकर जाओगे। जो आज तुम्हारा है, वो कल किसी और का होगा। गीता का यह संदेश इन दिनों उन लोगों के लिए खूब वायरल हो रहा है, जिनका यस बैंक में खाता है। लोग भी समझ गए हैं कि अब तो उनका पैसा बैंक में भी सुरक्षित नहीं है। अब सवाल यही है कि पैसे को आखिरकार रखें कहां पर। घर में रखें, तो चोरी का डर और बैंक में रखें, तो पाबंदी का डर। यस बैंक के बिगड़े हालातों ने जिला के भी हजारों उपभोक्ताओं के माथे पर पसीना ला दिया है। पाबंदी के बाद रेवाड़ी व धारूहेड़ा की ब्रांच में भी पैसों की निकासी के लिए खूब लंबी लाइनें लगी थी। बैंक पटरी पर तो आने लगा है, लेकिन ग्राहकों को अभी भी डर यही सता रहा है कि पैसा मिलेगा या फिर गीता के संदेश से ही संतोष करना पड़ेगा।