नभ फुल फर्म हंद

वहीं, सपा के शशांक यादव और राजेश यादव की ओर से पूर्णकालिक सभापति के चुनाव की नोटिस को खारिज करने के पीछे यह तर्क दिया गया कि सभापति के चुनाव की तारीख राज्यपाल द्वारा तय की जाती है। उनके द्वारा तारीख तय करने पर ही निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, इसलिए प्रक्रियात्मक त्रुटि के कारण यह नोटिस भी स्वीकार करने योग्य नहीं है। इसी आधार पर सपा की अन्य दो नोटिसें भी खारिज कर दी गईं।