मटक गुरु

उन्होंने बताया कि एक तरफ क‌र्फ्यू से दलितों की हालत बेहद खराब हो चुकी है। ऐसे में सरकार द्वारा उनकी राशन व अन्य सरकारी सुविधाओं से मदद करने की बजाय, तीसरे हिस्से की जमीन की बोली करवाने का फरमान जारी कर दिया है। कई गांवों में अनुसूचित वर्ग के विरोध करने के बाजवूद जबरी डम्मी बोली करवाई जा रही है। इसे किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने क‌र्फ्यू खुलने के बाद पंचायती जमीनों की बोलियां करवाने, सरकार दलित खेत मजदूर विरोधी पंचायती जमीन की बोली के फैसले को वापस ले, सांझी ली गई जमीन की किश्त के जरिए रकम भरवाने की मांग की। रैली दौरान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने एलान किया कि अगर सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती है तो जत्थेबंदी को संघर्ष करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इसके अलावा जिन गांवों में डम्मी बोलीयां संबंधित बीडीपीओ को डेपुटेशन मिला जाएगा।