एसआई भर्त 2019

जिस फर्म को चाहा काम दिलवा दिया : सीबीआइ जांच में यह बात पहले ही सामने आ चुकी है कि नामजद आरोपित सिंचाई विभाग के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता रूप सिंह यादव, शिवमंगल यादव, जीवन राम यादव, अखिल रमन, तत्कालीन चीफ इंजीनियर ओम वर्मा, काजिम अली, एसएन शर्मा व अन्य अधिकारियों ने जिस फर्म को चाहा उसे काम दिलवा दिया। कार्यों के आवंटन के लिए बनी समिति के अध्यक्ष जिसे चाहते थे, उसे काम दे देते थे और उनके अप्रूवल पर समिति के अन्य सदस्य सहमति दे देते थे। जिन कामों के टेंडर की कागजी प्रक्रिया पूरी भी की गई, उनमें दो बोगस फर्में भी शामिल की जाती थीं। 30 से 35 टेंडर की सूचना के लिए फर्जी अखबार छपवाए गए थे। सीबीआइ अधिकारियों के गले से अब यह बात नहीं उतर रही है कि इतना बड़ा खेल इंजीनियर अपने स्तर से करते रहे और विभाग के बड़ों को इसकी भनक तक नहीं लगी। जब गोमतीनगर रिवर फ्रंट परियोजना की शुरुआत हुई थी, तब सिंचाई मंत्री शिवपाल यादव व प्रमुख सचिव सिंचाई दीपक सिंघल थे।