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केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) ने 1500 करोड़ रुपये के लखनऊ के गोमती रिवरफ्रंट घोटाले में  सिंचाई विभाग के पूर्व चीफ इंजीनियर रूप सिंह यादव को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस घोटाले की जांच के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस आलोक सिंह की अध्यक्षता में कमेटी बनाई थी। इस कमेटी ने घोटाले की रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। जिसके बाद चीफ इंजीनियर रहे रूप सिंह यादव समेत सिंचाई विभाग के कई इंजीनियर, ठेकेदारों के खिलाफ लखनऊ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। उत्तर प्रदेश सरकार ने मामला सीबीआई को भेज दिया था, जिसके बाद 24 नवंबर 2017 को सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इस करोड़ों के इस घोटाले में रूप सिंह यादव के खिलाफ ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग की एफआईआर दर्ज की थी। बीते वर्ष रूप सिंह यादव की संपत्ति भी ईडी ने अटैच की थी। इस घोटाले में पुलिस के साथ ईडी व सीबीआइ ने केस दर्ज किया था। इनमें तत्कालीन चीफ इंजीनियर गोलेश चन्द्र गर्ग, एसएन शर्मा, काजिम अली, शिवमंगल सिंह, कमलेश्वर सिंह, रूप सिंह यादव व सुरेन्द्र यादव हैं। यह सभी सिंचाई विभाग के इंजीनियर हैं, जिनके खिलाफ जांच चल रही है।