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जागरण संवाददाता, रेवाड़ी : नवरात्र के स्वागत को लेकर हर कोई आतुर है। मलमास का शुक्रवार को समापन हो गया। शनिवार से मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की उपासना के त्योहार नवरात्र आरंभ हो रहे हैं। 25 अक्टूबर तक चलने वाले शारदीय नवरात्र को लेकर माता का सुंदर दरबार बनाने के साथ मंदिरों और घरों में पूजा-अर्चना की सभी तैयारी पूर्ण हो गई हैं। कोरोना काल में शारदीय नवरात्र की महत्ता और बढ़ गई है। हर गली मोहल्ले में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने के साथ लोगों में छाई उदासी को दूर करते हुए सकारात्मक और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करने में नवरात्र की अहम भूमिका रहेगी। मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ एकत्रित नहीं हो, इसके लिए मंदिर कमेटी की ओर से प्रबंध किए गए हैं। मंदिरों में घंटियां बजती सुनाई नहीं देगी। श्रद्धालु किसी भी वस्तु को नहीं छूएंगे, मंदिर परिसर में प्रसाद भी वितरित करने पर प्रतिबंध है। नवरात्र को लेकर कलश स्थापना की भी विशेष जगह बनाई गई है। मनसा देवी मंदिर के पुजारी हेमंत शर्मा के अनुसार नवरात्र पर कलश स्थापना सुबह 6:27 बजे से आरंभ होकर 10:13 बजे तक का मुहूर्त बेहतर है। इसके बाद 11:44 से 12:29 बजे के बीच अभिजात मुहूर्त पर कलश स्थापित किया जा सकता है। नवरात्र के दौरान लोग गृह प्रवेश, विवाह, मुंडन जैसे शुभ कार्य भी करते हैं। बाजारों में भी रौनक छाने लगी है। इस बार नवमी और दशमी एक ही दिन होंगे। विजय दशमी 25 अक्टूबर को मनाई जाएगी। इस दिन सुबह 7:41 बजे तक नवमी की पूजा होगी। इसके बाद दशमी की पूजा कर सकेंगे।