ऐश्वर्य रय बच्चन क सेक्स

क्षेत्र के अधिकांश लोग आम की बागवानी करते हैं। विभिन्न प्रांतों के लोग यहां आम के बाग ठेके पर लेकर बागवानी करते आ रहे हैं। औरंगाबाद क्षेत्र से आम देश, विदेश में आपूर्ति होता है। आम के पेड़ों पर जाला कीट तेजी से फैल रहा है। यह आम की पत्तियों को चट कर रहा है। क्षेत्र के नैमिषारण्य, मछरेहटा, कुतुबनगर, जमुनापुर, आंट, पहला चौराहा, तेरवा, जरिगवां, संदना आदि क्षेत्र में बागों में यह रोग तेजी से लग रहा है। बागवान मुख्तार ने कहा कि यह कीट पेड़ों की पत्तियां लपेटकर गुच्छानुमा जाला बना देता है। यह पत्तियों को काटता रहता है। जाला कीट के प्रकोप से गुच्छों में तब्दील पत्तियां सूख रही हैं। आसिफ खां ने कहा कि सितंबर में बारिश के मौसम के बाद इस कीट का प्रकोप होता है। जाला कीट कुछ दिनों में ही पेड़ों को नष्ट कर देते हैं। आम के पेड़ में बौर नहीं आता। पेड़ सूखने जैसे दिखने लगते हैं।