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अलीगढ़, जेएनएन।  चुनाव निकट आते ही पुराने वादे भी याद आने लगते हैं। पिछले पंचायत चुनाव में जिन वादों के सहारे वोट मांगे गए, उनमें से अधिकांश वादे गंगीरी में अधूरे हैं। कुछ कार्य कराए गए, लेकिन समग्र विकास का सपना तो अभी जमीन पर उतरा ही नहीं है। कोई भी विकास की बड़ी योजना नहींं मिली। पानी निकासी के उचित इंतजाम न होने के चलते गांधी स्मारक मैदान पोखर जैसा नजर आने लगा है। इसमें कूड़ा भी डाला जा रहा है। कुछ हिस्से पर अवैध कब्जेे हैं। बच्चों के उच्च शिक्षा के नाम पर प्राइवेट कॉलेज तो है परंतु सरकारी इंटर कॉलेज एक भी नहीं है। इसके चलते बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने को दूसरे गांवों में जाना पड़ता है। चुनाव के दौरान खेल मैदान और बरातघर के साथ-साथ श्मशान घाट बनवाने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक गांव के लोगों को इन तीन बड़ी सौगातों में से कोई भी हासिल नहीं हुई। 20 हजार की आबादी वाला गांव होते हुए भी यहां के लोग पानी की टंकी को तरस रहे हैं।