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संवाद सहयोगी, महम : भारतीय जनता पार्टी के राज्य कार्यकारिणी सदस्य शमशेर खरकड़ा कहा कि एसवाईएल के पानी को लेकर हरियाणा 54 साल से लड़ रहा है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी हरियाणा के हक में आ चुका है। लेकिन पंजाब सरकार हमें अपना हक नहीं दे रही है। एसवाईएल का पानी पंजाब से पाकिस्तान तो जा सकता है। लेकिन हरियाणा की ओर क्यों नहीं मोड़ा जा सकता। वे शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महम क्षेत्र चौधरी देवीलाल की कर्म भूमि रहा है। उन्होंने भी 1985 में विधायक पद से इस्तीफा देकर न्याय युद्ध और जल युद्ध जैसे आंदोलन महम चौबीसी के चबूतरे से ही शुरू किए गए थे। वहीं दूसरी ओर भाजपा नेता रहे डा. मंगलसेन ने भी इस आंदोलन के लिए अपने पद को त्याग कर जल युद्ध का आगाज किया था। एक बार फिर महम चौबीसी के चबूतरे से एसवाईएल के पानी की लड़ाई सभी खाप पंचायतों और सभी राजनीतिक दलों को एक मंच पर इकट्ठा करके लड़ने का फैसला 25 दिसंबर को प्रस्तावित पंचायत में लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब के किसानों के साथ आंदोलन में दिल्ली के बार्डर पर हरियाणा के 32 किसान संगठनों के नेता केंद्र सरकार पर एमएसपी व अन्य मांगों पर जो दबाव बना रहे हैं वह उचित नहीं है। विपक्ष केवल किसानों को गुमराह करने का काम कर रहा है। पंजाब के किसान संगठनों को चाहिए कि वह हरियाणा के हिस्से का पानी हरियाणा को दिलवाने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि महम चौबीसी अठगामा के योद्धा प्लेटफार्म तैयार करेंगे। लड़ाई सभी राजनीतिक दलों व सर्वखाप पंचायतों के प्रतिनिधि मिलकर लड़ेंगे।