उच्च व तंत्रशक्षण मंत्र

¨सचाई विभाग के अधिकारियों की मानें तो रिहंद से जितना पानी मिल रहा है, उसे नहरों के अंतिम छोर तक पहुंचने के पहले ही धरती सोख ले रही है। पानी की उपलब्धता को ले सरकार को त्राहिमाम संदेश भेजा गया है। रोहतास के अलावे कैमूर, बक्सर, भोजपुर, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद व पटना जिले को सोन नहरों से पटवन के लिए पानी उपलब्ध होता है। किसानों का कहना है कि अब नहरों से पानी मिलने का भरोसा समाप्त हो गया है। आद्र्रा नक्षत्र भी शुरू होने वाला है। इसी नक्षत्र में अधिकांश किसान धान के बीज भी डालते हैं, साथही रोहिणी नक्षत्र में डाले गए बीज की रोपनी भी शुरू हो जाती है।